राष्ट्र संवाद टाइम्स : ajay verma :
गंगा में उतरी 1 लाख मत्स्य अंगुलिकाएं, जलीय जैव विविधता को संवारने की दिशा में बड़ा कदम
ब्रजघाट में रिवर रैचिंग कार्यक्रम के दौरान विधायक हरेंद्र सिंह तेवतिया ने किया मत्स्य अंगुलिकाओं का प्रवाह, गंगा की निर्मलता और मत्स्य संपदा के संरक्षण पर दिया जोर
हापुड़। गंगा की धारा को जीवनदायिनी बनाए रखने के साथ उसकी जलीय जैव विविधता और मत्स्य संपदा को मजबूत करने की दिशा में मत्स्य विभाग ने महत्वपूर्ण पहल की है। गुरुवार को गढ़मुक्तेश्वर के ब्रजघाट में आयोजित रिवर रैचिंग कार्यक्रम के दौरान गंगा नदी में करीब एक लाख मत्स्य अंगुलिकाएं प्रवाहित की गईं। इस पहल का उद्देश्य गंगा के जलीय पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने के साथ मत्स्य संसाधनों के संरक्षण और संवर्धन को गति देना है।
ब्रजघाट में गंगा की धारा में छोड़ी गईं मत्स्य अंगुलिकाएं
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में गढ़मुक्तेश्वर विधायक हरेंद्र सिंह तेवतिया शामिल हुए। अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और क्षेत्रीय मत्स्य कृषकों की मौजूदगी में गंगा नदी में मत्स्य अंगुलिकाओं को प्रवाहित किया गया। इस दौरान गंगा की जलीय संपदा को संरक्षित करने और मत्स्य संसाधनों को बढ़ाने की आवश्यकता पर विशेष जोर दिया गया।
जलीय जैव विविधता के संरक्षण को बताया सामूहिक जिम्मेदारी
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि गंगा केवल आस्था की धारा नहीं, बल्कि एक व्यापक जलीय पारिस्थितिकी तंत्र का आधार भी है। रिवर रैचिंग जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से गंगा में मत्स्य संसाधनों के संरक्षण एवं संवर्धन को मजबूती मिल सकती है। गंगा की स्वच्छता, निर्मलता और जलीय जीवन को सुरक्षित रखना किसी एक विभाग की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।
मत्स्य कृषकों को योजनाओं की दी गई जानकारी
कार्यक्रम में मत्स्य विभाग के अधिकारियों ने क्षेत्रीय मत्स्य कृषकों को विभाग की ओर से संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी भी दी। अधिकारियों ने मत्स्य पालन को रोजगार और आय का मजबूत माध्यम बनाने पर जोर देते हुए कृषकों को आधुनिक तकनीकों और विभागीय योजनाओं का लाभ उठाकर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया।
एक लाख मत्स्य अंगुलिकाओं से मजबूत होगी गंगा की मत्स्य संपदा
ब्रजघाट में एक साथ एक लाख मत्स्य अंगुलिकाओं का प्रवाह गंगा की मत्स्य संपदा को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। विभाग का जोर केवल मत्स्य उत्पादन बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि गंगा के जलीय पर्यावरण में संतुलन बनाए रखने और स्थानीय स्तर पर मत्स्य पालन से जुड़े लोगों की आजीविका को मजबूती देने पर भी है।
ये रहे मौजूद
कार्यक्रम में सहायक पुलिस अधीक्षक महेश कुमार, सहायक निदेशक मत्स्य गाजियाबाद ऋचा चौधरी, निषाद पार्टी के जिलाध्यक्ष डी.पी. निषाद, प्रभारी मुख्य कार्यकारी अधिकारी मत्स्य पालक विकास अभिकरण हापुड़ समेत क्षेत्र के मत्स्य कृषक एवं संबंधित अधिकारी मौजूद रहे
