राष्ट्र संवाद टाइम्स : ajay verma :
पिलखुवा से हापुड़ तक संगठन विस्तार की दस्तक, राजीव कुमार बने भीम आर्मी भारत एकता मिशन के जिला सहसंयोजक
हापुड़ पिलखुवा: संगठन के विस्तार और जमीनी पकड़ को और मजबूत करने की कवायद के बीच भीम आर्मी भारत एकता मिशन ने पिलखुवा के न्यू आर्य नगर निवासी राजीव कुमार को हापुड़ जिले का जिला सहसंयोजक मनोनीत कर नई जिम्मेदारी सौंपी है। संगठन की ओर से मिले इस दायित्व ने राजीव कुमार की भूमिका को जिला स्तर पर महत्वपूर्ण बना दिया है। जिला संयोजक डॉ. धर्मेंद्र गौतम ने नियुक्ति पत्र सौंपकर उन्हें जिम्मेदारी प्रदान की।
संगठन विस्तार की रणनीति को मिलेगा नया आधार
राष्ट्रीय अध्यक्ष विनय रतन सिंह के निर्देश पर हुआ यह मनोनयन ऐसे समय में हुआ है, जब संगठन की ओर से जिले में अपने ढांचे को और प्रभावी बनाने तथा कार्यकर्ताओं को जमीनी स्तर पर सक्रिय करने पर जोर दिया जा रहा है। जिला सहसंयोजक के रूप में राजीव कुमार संगठनात्मक गतिविधियों को गति देने और कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने में भूमिका निभाएंगे।
सदस्यता अभियान से जोड़ने पर जोर
संगठन की गतिविधियों के साथ नए कार्यकर्ताओं और युवाओं को विचारधारा से जोड़ने तथा सदस्यता अभियान को प्रभावी बनाने पर भी जोर दिया जा रहा है। संगठन का प्रयास है कि अधिक से अधिक लोगों तक संगठन के उद्देश्यों और सामाजिक सरोकारों की जानकारी पहुंचे। राजीव कुमार को मिली नई जिम्मेदारी में संगठन के विस्तार के साथ सदस्यता प्रक्रिया को जमीनी स्तर तक मजबूत करना भी महत्वपूर्ण पक्ष माना जा रहा है।
आंबेडकर-कांशीराम की विचारधारा को आगे बढ़ाने का संकल्प
जिम्मेदारी मिलने के बाद राजीव कुमार ने कहा कि वह बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर और मान्यवर कांशीराम की विचारधारा को आगे बढ़ाने के लिए पूरी निष्ठा और ईमानदारी से कार्य करेंगे। उन्होंने कहा कि संगठन ने जिस विश्वास के साथ उन्हें जिम्मेदारी सौंपी है, उस विश्वास पर खरा उतरना उनकी प्राथमिकता रहेगी और संगठन के उद्देश्यों को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।
पदाधिकारियों ने जताया भरोसा
राजीव कुमार के मनोनयन पर संगठन के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। पदाधिकारियों ने उम्मीद जताई कि उनकी सक्रियता से जिले में संगठनात्मक गतिविधियों को नई गति मिलेगी और कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय मजबूत होगा। नई जिम्मेदारी के साथ संगठन के विस्तार, सदस्यता अभियान और जमीनी स्तर पर सक्रियता को धार देने की चुनौती भी उनके सामने रहेगी।
