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धौलाना तहसील बना आंदोलन का केंद्र, मांगों को लेकर प्रदर्शन तेज; 18 अक्टूबर को महापंचायत का ऐलान

हापुड़। जनपद हापुड़ की धौलाना तहसील में यूजीसी रेगुलेशन-2026, आरक्षण व्यवस्था और एससी-एसटी अधिनियम में संशोधन की मांग को लेकर चल रहा आंदोलन लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। तहसील परिसर में कई दिनों से जारी धरने में आसपास के क्षेत्रों से लोग पहुंचकर अपनी मांगों के समर्थन में आवाज उठा रहे हैं। प्रदर्शनकारियों की ओर से अब आंदोलन को और व्यापक रूप देने की तैयारी की जा रही है। आंदोलन के बढ़ते दायरे के बीच स्थानीय स्तर पर भी इसकी चर्चा लगातार तेज हो रही है।

धरने से आगे बढ़ी आंदोलन की रणनीति

आंदोलनकारियों का कहना है कि उनकी ओर से उठाई जा रही मांगों को लेकर सरकार का ध्यान आकर्षित करने के लिए लगातार प्रदर्शन किया जा रहा है। राष्ट्रवादी प्रताप सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललित राणा सहित अन्य वक्ताओं ने मांगों पर सरकार से विचार करने की बात कही। प्रदर्शनकारियों के अनुसार, मांगों पर ठोस पहल नहीं होने तक आंदोलन जारी रखने की रणनीति है। साथ ही आने वाले दिनों में अधिक लोगों को आंदोलन से जोड़ने की तैयारी भी की जा रही है।

18 अक्टूबर को महापंचायत का ऐलान

आंदोलन को आगे बढ़ाने के लिए 18 अक्टूबर को धौलाना तहसील परिसर में महापंचायत आयोजित करने की घोषणा की गई है। आयोजकों की ओर से अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचने और महापंचायत में भागीदारी की अपील की जा रही है। इससे पहले भी धौलाना क्षेत्र में इन मुद्दों को लेकर विभिन्न स्तरों पर बैठकें और प्रदर्शन होते रहे हैं। महापंचायत को आंदोलन की आगामी रणनीति तय करने के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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राजनीतिक नेताओं की मौजूदगी से बढ़ी हलचल

धरना स्थल पर विभिन्न राजनीतिक दलों से जुड़े नेताओं और सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों की मौजूदगी भी सामने आई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार समाजवादी पार्टी के जिला उपाध्यक्ष पंडित श्रवण शर्मा, सपा नेता संजय गहलौत और जिला पंचायत सदस्य हरिओम चौहान ने धरनास्थल पर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों से मुलाकात की और उनकी मांगों को सुना। राजनीतिक नेताओं की मौजूदगी के बाद आंदोलन को लेकर क्षेत्र के राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में चर्चा और तेज हो गई है।

तहसील परिसर में पहले से रही प्रशासन की नजर

आंदोलन को देखते हुए प्रशासन और पुलिस की ओर से सुरक्षा व्यवस्था पर लगातार नजर रखी जा रही है। पूर्व में प्रदर्शन के दौरान पीएसी के साथ हाफिजपुर, कपूरपुर, धौलाना और पिलखुवा थानों की पुलिस तैनात की गई थी। एसडीएम कल्पना चौहान समेत प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों से बातचीत भी की थी। प्रशासन की ओर से कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ ही स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।

मांगों पर सरकार से निर्णय की मांग

प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों में यूजीसी के नए नियमों को लेकर पुनर्विचार, आरक्षण व्यवस्था में सुधार और एससी-एसटी अधिनियम में संशोधन शामिल हैं। इन मांगों को लेकर आंदोलनकारियों का कहना है कि सरकार को उनकी आपत्तियों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। वहीं, इन मांगों को लेकर सरकार या संबंधित संस्थाओं की ओर से क्या निर्णय लिया जाता है, इस पर आंदोलनकारियों की आगे की रणनीति निर्भर करेगी। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया है कि मांगों को लेकर उनका पक्ष लगातार संबंधित स्तर तक पहुंचाया जाता रहेगा।

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महापंचायत से पहले तेज होगा जनसंपर्क

18 अक्टूबर की प्रस्तावित महापंचायत को लेकर आयोजकों की ओर से जनसंपर्क बढ़ाने की तैयारी है। आंदोलन के शुरुआती चरण में भी क्षेत्र के विभिन्न गांवों में बैठकें कर लोगों से धरने में पहुंचने की अपील की गई थी। अब महापंचायत को लेकर भी अधिक से अधिक लोगों को जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। आयोजकों का प्रयास है कि महापंचायत में बड़ी संख्या में लोग पहुंचें और आंदोलन की आगे की दिशा पर सामूहिक रूप से चर्चा की जाए।

प्रशासन के सामने शांतिपूर्ण व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती

धौलाना तहसील परिसर में आंदोलन जारी रहने के बीच प्रशासन के सामने प्रदर्शनकारियों को अपनी बात रखने का अवसर देने के साथ कानून-व्यवस्था और सामान्य प्रशासनिक कामकाज बनाए रखने की जिम्मेदारी भी है। फिलहाल आंदोलनकारियों की ओर से अपनी मांगों को लेकर धरना जारी रखने और 18 अक्टूबर की महापंचायत की तैयारी करने की बात कही जा रही है। आगामी कार्यक्रम को देखते हुए प्रशासन की निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था भी महत्वपूर्ण रहेगी, ताकि प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराया जा सके।