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गढ़मुक्तेश्वर में सेवा का नया केंद्र बना रजापुर, नशामुक्ति और वृद्धाश्रम की साथ हुई शुरुआत

गढ़मुक्तेश्वर, हापुड़। समाज के उन चेहरों के लिए, जिन्हें हालात ने किनारे कर दिया है और जिन्हें जिंदगी की मुख्यधारा में लौटने के लिए सहारे की जरूरत है, रजापुर से उम्मीद की एक नई पहल शुरू हुई है। गांव रजापुर स्थित राज भवन में नशा मुक्ति केंद्र और वृद्धाश्रम का शुभारंभ किया गया। गढ़मुक्तेश्वर विधायक हरेंद्र तेवतिया ने इसका उद्घाटन किया। इस मौके पर क्षेत्र के गणमान्य लोगों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्थानीय नागरिकों की मौजूदगी रही। एक ही परिसर में शुरू हुई दोनों व्यवस्थाओं को सामाजिक सरोकार से जुड़ी ऐसी पहल के रूप में देखा जा रहा है, जिसका सीधा उद्देश्य जरूरतमंदों तक सहायता और संरक्षण पहुंचाना है।

नशे की गिरफ्त से निकलने वालों को मिलेगा नई शुरुआत का अवसर

नशा सिर्फ एक व्यक्ति की जिंदगी को नहीं बदलता, बल्कि उसके असर की लपट परिवार की चौखट तक पहुंचती है। घर की आर्थिक स्थिति से लेकर रिश्तों की मजबूती तक पर इसका प्रभाव पड़ता है। ऐसे में नशा मुक्ति केंद्र की शुरुआत उन लोगों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है, जो नशे की गिरफ्त से बाहर निकलकर फिर से सामान्य जिंदगी की ओर कदम बढ़ाना चाहते हैं। केंद्र के माध्यम से उपचार, परामर्श और आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने पर जोर रहेगा, ताकि प्रभावित लोगों को व्यवस्थित तरीके से बेहतर जीवन की ओर लौटने का अवसर मिल सके।

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सिर्फ नशा छुड़ाना नहीं, जिंदगी को फिर पटरी पर लाना मकसद

कार्यक्रम में वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि नशे की समस्या का समाधान केवल दवा या उपचार तक सीमित नहीं है। इसके लिए व्यक्ति को मानसिक रूप से मजबूत करने, परिवार का भरोसा लौटाने और समाज से दोबारा जोड़ने की जरूरत होती है। इसी सोच के साथ केंद्र में आने वाले लोगों को आवश्यक मार्गदर्शन और सहयोग देने की बात कही गई। पहल का व्यापक उद्देश्य ऐसे लोगों को नशे की गिरफ्त से बाहर निकालकर उनके जीवन को दोबारा व्यवस्थित दिशा देने का है।

बुजुर्गों के लिए रजापुर में खुलेगा अपनत्व और सहारे का दरवाजा

उधर, वृद्धाश्रम की शुरुआत भी इस पहल का दूसरा महत्वपूर्ण पक्ष रही। उम्र के उस पड़ाव पर जब व्यक्ति को सबसे अधिक अपनत्व और सहारे की जरूरत होती है, कई बुजुर्ग परिस्थितियों के कारण अकेलेपन का सामना करते हैं। ऐसे जरूरतमंद बुजुर्गों के लिए यहां आश्रय, भोजन और देखभाल जैसी व्यवस्थाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा। उद्देश्य केवल सिर पर छत देना नहीं, बल्कि उन्हें सुरक्षित माहौल और सम्मान के साथ जीवन बिताने का अवसर उपलब्ध कराना है।

हरेंद्र तेवतिया बोले, समाज के कमजोर वर्ग तक पहुंचे मदद का हाथ

विधायक हरेंद्र तेवतिया ने कहा कि समाज में ऐसे लोगों तक मदद पहुंचाना जरूरी है, जिन्हें किसी न किसी कारण से सहारे की आवश्यकता है। नशे की समस्या से जूझ रहे लोगों को उचित उपचार और मार्गदर्शन मिलने से उन्हें सामान्य जीवन की ओर लौटने में मदद मिल सकती है। वहीं बुजुर्गों के लिए सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण उपलब्ध कराना भी सामाजिक जिम्मेदारी का हिस्सा है। उन्होंने ऐसी पहलों में समाज की भागीदारी को महत्वपूर्ण बताया।

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सुधीर चौहान ने सामाजिक जिम्मेदारी से जोड़कर रखी पहल

कार्यक्रम के दौरान सुधीर चौहान ने कहा कि समाज की वास्तविक प्रगति का आकलन इस बात से होता है कि जरूरतमंद और कमजोर वर्ग के लिए कितनी संवेदनशीलता के साथ काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि नशामुक्ति केंद्र में आने वाले लोगों को उपचार और परामर्श के साथ सकारात्मक वातावरण उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जाएगा। वहीं वृद्धाश्रम में बुजुर्गों की जरूरतों और सुविधाओं का ध्यान रखने पर जोर रहेगा।

रजापुर से उठी पहल, आगे बढ़े तो बन सकती है सामाजिक बदलाव की मिसाल

रजापुर में शुरू हुई यह पहल फिलहाल दो व्यवस्थाओं के शुभारंभ तक सीमित है, लेकिन इसका प्रभाव उन परिवारों और बुजुर्गों तक पहुंच सकता है, जो लंबे समय से किसी सहारे की तलाश में हैं। नशे की समस्या से जूझ रहे लोगों को उपचार और मार्गदर्शन तथा जरूरतमंद बुजुर्गों को सुरक्षित आश्रय उपलब्ध कराने का प्रयास समाज के संवेदनशील पक्ष को सामने लाता है। अब इस पहल की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि इसे कितनी निरंतरता, संवेदनशीलता और सामाजिक सहयोग के साथ आगे बढ़ाया जाता है।