राष्ट्र संवाद टाइम्स : ajay verma :
रामलीला के मंच से महिला नेतृत्व की नई इबारत, गढ़ की कमान पहली बार भाजपा नेत्री पिंकी त्यागी के हाथ
हापुड़। गढ़मुक्तेश्वर, जनपद हापुड़ की रामलीला कमेटी में इस बार नेतृत्व की तस्वीर बदली है। वरिष्ठ भाजपा नेत्री एवं गढ़ क्षेत्र निवासी पिंकी त्यागी को गढ़ रामलीला कमेटी का अध्यक्ष चुना गया है। कमेटी के इतिहास में यह पहली बार है, जब अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी किसी महिला को सौंपी गई है। पिंकी त्यागी की नियुक्ति के साथ धार्मिक और सामाजिक गतिविधियों से जुड़ी इस महत्वपूर्ण संस्था में महिला नेतृत्व का नया अध्याय शुरू हुआ है।
परंपरा के बीच बदलाव का बड़ा संदेश गढ़मुक्तेश्वर की रामलीला क्षेत्र की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जाती है। आयोजन में बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी और श्रद्धालु जुड़ते हैं। ऐसे में कमेटी के शीर्ष पद पर पहली बार किसी महिला की नियुक्ति को महज पद परिवर्तन के तौर पर नहीं, बल्कि नेतृत्व की परंपरा में बदलाव के रूप में देखा जा रहा है। पिंकी त्यागी के अध्यक्ष बनने से कमेटी में महिला नेतृत्व की नई भूमिका सामने आई है।
गढ़ की रहने वाली पिंकी को मिली गढ़ की रामलीला की कमान पिंकी त्यागी गढ़मुक्तेश्वर क्षेत्र की रहने वाली हैं और स्थानीय स्तर पर सार्वजनिक गतिविधियों में सक्रिय रही हैं। भाजपा में वरिष्ठ नेत्री के रूप में उनकी सक्रियता के बीच अब उन्हें क्षेत्र की प्रतिष्ठित रामलीला कमेटी की जिम्मेदारी मिली है। स्थानीय क्षेत्र से जुड़ाव होने के कारण आयोजन की स्थानीय व्यवस्थाओं और क्षेत्रीय परिस्थितियों की समझ भी उनके लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
अध्यक्ष पद के साथ बड़ी जिम्मेदारी भी रामलीला का आयोजन केवल मंचीय कार्यक्रम तक सीमित नहीं होता। इसके साथ सुरक्षा, व्यवस्थाओं, कलाकारों के समन्वय, मंच संचालन, दर्शकों की सुविधा और विभिन्न समितियों के बीच तालमेल जैसी अनेक जिम्मेदारियां जुड़ी होती हैं। ऐसे में पिंकी त्यागी के सामने कमेटी के पदाधिकारियों और सदस्यों के साथ समन्वय बनाकर आगामी आयोजन को व्यवस्थित ढंग से आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी होगी।
महिला नेतृत्व को मिला महत्वपूर्ण सामाजिक मंचगढ़ रामलीला कमेटी में पहली बार किसी महिला को अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी मिलना महिला सहभागिता के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है। सामाजिक और धार्मिक संस्थाओं में महिलाओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही है। ऐसे में कमेटी के शीर्ष पद पर महिला की नियुक्ति स्थानीय स्तर पर महिलाओं के नेतृत्व को आगे बढ़ाने वाली पहल के रूप में देखी जा रही है।
महिला सशक्तिकरण की दिशा में भी महत्वपूर्ण संकेतकेंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार की विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों में महिलाओं की भागीदारी, नेतृत्व और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने पर जोर दिया जा रहा है। स्थानीय निकायों से लेकर स्वयं सहायता समूहों और विभिन्न सामाजिक गतिविधियों तक महिलाओं को आगे आने के अवसर दिए जा रहे हैं।
इसी व्यापक माहौल में गढ़ रामलीला कमेटी की अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी पहली बार महिला को मिलना स्थानीय स्तर पर महिला नेतृत्व की बढ़ती भूमिका को दर्शाता है।अब पिंकी त्यागी के नेतृत्व पर टिकी निगाहें पहली बार महिला अध्यक्ष के नेतृत्व में गढ़ की रामलीला कमेटी आगामी आयोजन की तैयारियों को आगे बढ़ाएगी।
पिंकी त्यागी के सामने एक ओर रामलीला की पुरानी परंपराओं को बनाए रखने की जिम्मेदारी होगी, वहीं दूसरी ओर आयोजन से जुड़ी व्यवस्थाओं को बेहतर समन्वय के साथ आगे बढ़ाने की चुनौती भी रहेगी। उनकी नियुक्ति के बाद अब क्षेत्रवासियों की निगाह आगामी रामलीला आयोजन और कमेटी की गतिविधियों पर रहेगी।
