राष्ट्र संवाद टाइम्स : Ajay Verma :
हापुड़: मोदीनगर जाने के बाद 14 वर्षीय किशोर लापता, पिता की तहरीर पर गुमशुदगी दर्ज
हापुड़। हापुड़ कोतवाली क्षेत्र के ग्राम दस्तौई निवासी 14 वर्षीय किशोर सनी के लापता होने का मामला सामने आया है। किशोर 24 सितंबर 2026 की शाम करीब पांच बजे आवश्यक कार्य से मोदीनगर जाने के लिए घर से निकला था। इसके बाद वह न तो मोदीनगर पहुंचा और न ही वापस घर लौटा। परिजनों द्वारा अपने स्तर से काफी तलाश किए जाने के बाद भी किशोर का पता नहीं चलने पर उसके पिता ने हापुड़ कोतवाली में लिखित तहरीर देकर गुमशुदगी दर्ज कराई।
24 सितंबर की शाम घर से निकला था किशोर
पुलिस को दी गई लिखित तहरीर के अनुसार, ग्राम दस्तौई निवासी सुशील का पुत्र सनी, जिसकी उम्र करीब 14 वर्ष है, 24 सितंबर को शाम लगभग पांच बजे किसी आवश्यक कार्य से बस के माध्यम से मोदीनगर जाने के लिए घर से निकला था। तहरीर में बताया गया है कि किशोर ने नीले रंग की टी-शर्ट और तोतई रंग का लोअर पहन रखा था।
न मोदीनगर पहुंचा, न घर वापस आया
परिजनों के अनुसार, निर्धारित समय के बाद भी सनी घर वापस नहीं पहुंचा। परिजनों ने पहले मोदीनगर सहित संभावित स्थानों पर उसकी तलाश की। इसके अलावा रिश्तेदारों और परिचितों से भी जानकारी ली गई, लेकिन किशोर के संबंध में कोई जानकारी नहीं मिल सकी। लगातार तलाश के बावजूद सुराग नहीं मिलने पर परिजनों ने पुलिस से संपर्क किया।
परिजनों ने अनहोनी की आशंका जताई
तहरीर में किशोर के पिता ने बताया कि वह अपने पुत्र की लगातार तलाश कर रहे हैं, लेकिन उसका कोई पता नहीं चल पा रहा है। उन्होंने आशंका जताई कि किशोर के साथ कोई अप्रिय घटना न हो गई हो। इसी आधार पर पुलिस से किशोर की गुमशुदगी दर्ज कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई करते हुए उसकी तलाश कराने का अनुरोध किया गया।
पुलिस ने दर्ज की गुमशुदगी, विवेचना की जिम्मेदारी उपनिरीक्षक को
दस्तावेज में दर्ज कार्रवाई के अनुसार मामले की जांच के लिए उपनिरीक्षक कपिल कुमार शर्मा को नामित किया गया है। पुलिस अब उपलब्ध जानकारी के आधार पर किशोर की तलाश और मामले की जांच कर रही है। उत्तर प्रदेश पुलिस की ओर से भी लापता बच्चों के मामलों में गुमशुदा बच्चों की तलाश और समयबद्ध कार्रवाई के संबंध में दिशा-निर्देश जारी हैं।
कपड़े और अंतिम जानकारी के आधार पर तलाश
पुलिस के लिए किशोर की पहचान से संबंधित तहरीर में दर्ज हुलिया और कपड़ों की जानकारी महत्वपूर्ण है। परिजनों की ओर से उपलब्ध कराई गई जानकारी के आधार पर किशोर के संभावित आवागमन और संपर्कों के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस स्तर से किशोर की सकुशल बरामदगी के प्रयास किए जा रहे हैं।
कानूनी रूप से महत्वपूर्ण बात: उपलब्ध दस्तावेज में इसे किशोर की गुमशुदगी के रूप में दर्ज किया गया है। दस्तावेज में किसी व्यक्ति पर अपहरण या अन्य अपराध का आरोप दर्ज दिखाई नहीं देता, इसलिए खबर में बिना पुलिस की पुष्टि के अपहरण या किसी अपराध की धारा जोड़ना उचित नहीं होगा। उत्तर प्रदेश पुलिस के आधिकारिक दिशा-निर्देशों में भी गुमशुदा/लापता बच्चों के मामलों में अभियोग पंजीकरण, समयबद्ध विवेचना और बरामदगी सुनिश्चित करने संबंधी निर्देश उपलब्ध हैं।
