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पिलखुवा: वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूरे, 430 विद्यार्थियों के स्वरों से गूंजा राष्ट्रगीत

हापुड़/पिलखुवा। ग्राम भारती द्वारा संचालित सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में शुक्रवार को वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में विशेष सामूहिक गायन कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विद्यालय के छात्र-छात्राओं, शिक्षकों, अभिभावकों और समाज के लोगों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। 430 विद्यार्थियों ने एक साथ राष्ट्रगीत का गायन किया तो पूरा विद्यालय परिसर राष्ट्रभक्ति और राष्ट्रीय चेतना के स्वर से गूंज उठा।

एक सुर में गूंजा वंदे मातरम्, दिखी राष्ट्रभक्ति की झलक सामूहिक गायन के दौरान छात्र-छात्राओं ने अनुशासन और उत्साह के साथ वंदे मातरम् का गायन किया। एक साथ उठे सैकड़ों स्वरों ने विद्यालय परिसर के वातावरण को देशभक्ति के भाव से भर दिया। विद्यार्थियों के साथ शिक्षकों, अभिभावकों और समाज के लोगों की सहभागिता ने कार्यक्रम को व्यापक स्वरूप प्रदान किया।

डॉ. चंद्रपाल शर्मा ने बताई वंदे मातरम् की ऐतिहासिक यात्राकार्यक्रम के मुख्य वक्ता राणा स्नातकोत्तर महाविद्यालय के हिंदी विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष एवं साहित्य भूषण सम्मान से सम्मानित डॉ. चंद्रपाल शर्मा रहे। उन्होंने वंदे मातरम् की ऐतिहासिक यात्रा पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए इसके सामाजिक, धार्मिक, राजनीतिक और ऐतिहासिक पक्षों पर अपने विचार रखे।उन्होंने कहा कि वंदे मातरम् भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान राष्ट्रीय चेतना का महत्वपूर्ण स्वर बना। इसने लोगों में एकता, आत्मसम्मान और मातृभूमि के प्रति समर्पण की भावना को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

उन्होंने विद्यार्थियों से देश के इतिहास और स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े प्रसंगों को समझने तथा राष्ट्रीय मूल्यों को अपने जीवन में अपनाने का आह्वान किया।स्वतंत्रता आंदोलन से गहराई से जुड़ा रहा राष्ट्रगीतडॉ. चंद्रपाल शर्मा ने कहा कि वंदे मातरम् की ऐतिहासिक यात्रा भारतीय राष्ट्रीय चेतना के विकास से जुड़ी रही है। स्वतंत्रता आंदोलन के विभिन्न चरणों में यह देशवासियों की राष्ट्रीय भावना की अभिव्यक्ति का महत्वपूर्ण माध्यम बना।

उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को देश के इतिहास और राष्ट्रीय प्रतीकों के महत्व को समझना चाहिए, ताकि वह अपनी विरासत और स्वतंत्रता संग्राम के संघर्षों से परिचित हो सके।430 विद्यार्थियों ने एक साथ किया सामूहिक गायन कार्यक्रम में 430 छात्र-छात्राओं ने एक साथ राष्ट्रगीत का गायन किया। विद्यार्थियों की बड़ी संख्या में सहभागिता कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण रही। शिक्षकों और अभिभावकों ने भी कार्यक्रम में भाग लेकर विद्यार्थियों का उत्साह बढ़ाया।

सामूहिक गायन के दौरान विद्यालय परिसर में अनुशासन, एकता और राष्ट्रभक्ति का वातावरण नजर आया।राष्ट्रीय मूल्यों से जुड़ने का दिया संदेशकार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को देश के इतिहास, संस्कृति और राष्ट्रीय मूल्यों से जुड़ने का संदेश दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि शिक्षण संस्थानों में आयोजित ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों को अपनी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत समझने का अवसर देते हैं। साथ ही उनमें सामाजिक जिम्मेदारी और राष्ट्र के प्रति कर्तव्यबोध विकसित करने में भी सहायक होते हैं।

प्रधानाचार्य विकास पुंडीर ने जताया आभार विद्यालय के प्रधानाचार्य विकास पुंडीर ने कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों, शिक्षकों, अभिभावकों और समाज के लोगों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की सक्रिय सहभागिता ने कार्यक्रम को सफल बनाया। विद्यालय में शिक्षा के साथ विद्यार्थियों में संस्कार, अनुशासन, सामाजिक जिम्मेदारी और राष्ट्रीय चेतना विकसित करने पर भी विशेष ध्यान दिया जाता है।सामूहिक गायन के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। इस दौरान सरस्वती विद्या मंदिर परिसर में देशभक्ति और राष्ट्रीय एकता का वातावरण बना रहा।