राष्ट्र संवाद टाइम्स : ajay verma :
ब्रजघाट पुल हादसे पर प्रशासन सख्त, मजिस्ट्रियल जांच शुरू—21 अक्टूबर तक दर्ज करा सकेंगे बयान
हापुड़/गढ़मुक्तेश्वर। ब्रजघाट पुल पर 3 मार्च 2026 को वाहन संख्या UP78 JN 7751 से हुई दुर्घटना के मामले में प्रशासन ने अब मजिस्ट्रियल जांच शुरू कर दी है। जिलाधिकारी कार्यालय के निर्देश पर हादसे से जुड़े तथ्यों, परिस्थितियों और घटना के विभिन्न पहलुओं की पड़ताल की जिम्मेदारी उपजिलाधिकारी गढ़मुक्तेश्वर श्रीराम यादव को सौंपी गई है।
प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद हादसे से जुड़े घटनाक्रम को आधिकारिक जांच के दायरे में लाया गया है।डीएम कार्यालय के पत्र में शामिल हुआ हादसा जिलाधिकारी कार्यालय के पत्र संख्या 1836/21-एल०बी०सी०-मजि०जांच/2026, दिनांक 14 सितंबर 2026 के साथ संलग्न सूची के क्रमांक 12 में ब्रजघाट पुल पर हुई उक्त दुर्घटना को शामिल किया गया है।
इसके बाद निर्धारित प्रक्रिया के तहत घटना से जुड़े पक्षों और मामले की जानकारी रखने वाले लोगों को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया गया है। जांच अधिकारी घटना से संबंधित उपलब्ध सूचनाओं और बयानों के आधार पर पूरे मामले के तथ्यों को दर्ज करेंगे।जिसे जानकारी है, वह दर्ज करा सकता है बयान प्रशासन की ओर से जारी सूचना के अनुसार, 3 मार्च को ब्रजघाट पुल पर हुई दुर्घटना के संबंध में किसी व्यक्ति के पास कोई महत्वपूर्ण जानकारी, तथ्य या दस्तावेज हैं अथवा वह मामले में अपना पक्ष रखना चाहता है, तो वह 21 अक्टूबर 2026 तक किसी भी कार्य दिवस में उपजिलाधिकारी गढ़मुक्तेश्वर के समक्ष उपस्थित होकर अपना बयान दर्ज करा सकता है।
प्रशासन ने लोगों से निर्धारित समय सीमा के भीतर जांच में सहयोग करने की अपेक्षा की है।घटना से जुड़े हर पहलू की पड़तालमजिस्ट्रियल जांच के दौरान दुर्घटना से संबंधित उपलब्ध तथ्यों, संबंधित व्यक्तियों के बयानों और अन्य प्रासंगिक पहलुओं को जांच के दायरे में लिया जा सकता है। जांच का उद्देश्य घटना से जुड़े तथ्यों को आधिकारिक प्रक्रिया के माध्यम से सामने लाना है, ताकि उपलब्ध साक्ष्यों और बयानों के आधार पर पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो सके।
21 अक्टूबर तक अपना पक्ष रखने का मौका प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि हादसे के संबंध में किसी व्यक्ति के पास कोई तथ्य या महत्वपूर्ण जानकारी है, तो वह अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना एसडीएम गढ़मुक्तेश्वर के समक्ष अपना पक्ष प्रस्तुत कर सकता है। 21 अक्टूबर 2026 को बयान या पक्ष दर्ज कराने की निर्धारित समयसीमा समाप्त हो जाएगी।
जांच रिपोर्ट से सामने आएंगे तथ्य मजिस्ट्रियल जांच पूरी होने के बाद जांच में सामने आने वाले तथ्यों और निष्कर्षों से ब्रजघाट पुल पर 3 मार्च को हुई दुर्घटना से जुड़े विभिन्न पहलुओं की स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है। फिलहाल प्रशासन ने जांच प्रक्रिया शुरू कर संबंधित लोगों को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया है। जांच के दौरान सामने आने वाले बयान, तथ्य और अन्य सामग्री आगे की कार्रवाई के लिए महत्वपूर्ण आधार बन सकते हैं।
