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पिलखुवा देहात में शिक्षा की नई इबारत, सांसद अतुल गर्ग ने डिजिटल लाइब्रेरी का किया शुभारंभ

पिलखुवा। गांव के बच्चों और युवाओं के लिए पढ़ाई के नए अवसरों का रास्ता खुल गया है। सेवा संकल्प अभियान के तहत पिलखुवा देहात में स्थापित डिजिटल लाइब्रेरी का सांसद अतुल गर्ग ने फीता काटकर शुभारंभ किया। डिजिटल लाइब्रेरी की शुरुआत ग्रामीण विद्यार्थियों को आधुनिक अध्ययन संसाधनों से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। अब गांव के विद्यार्थियों को डिजिटल माध्यम से पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए संसाधन उपलब्ध होने का अवसर मिलेगा।

किताबों से आगे डिजिटल ज्ञान की दुनिया तक पहुंच डिजिटल लाइब्रेरी विद्यार्थियों को पारंपरिक पुस्तकों के साथ डिजिटल अध्ययन सामग्री तक पहुंच उपलब्ध कराने का माध्यम बनेगी। इंटरनेट आधारित शैक्षिक संसाधनों, ई-बुक्स, विषयवार अध्ययन सामग्री और शैक्षिक वीडियो जैसी सुविधाओं का उपयोग विद्यार्थी अपनी जरूरत के अनुसार कर सकेंगे। इससे बच्चों को किसी विषय को केवल किताब के एक तरीके से नहीं, बल्कि अलग-अलग डिजिटल माध्यमों से समझने का अवसर मिलेगा।

प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी को मिलेगा नया आधार ग्रामीण क्षेत्र में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं के सामने अक्सर अध्ययन सामग्री और डिजिटल संसाधनों की सीमित उपलब्धता चुनौती बनती है। डिजिटल लाइब्रेरी इस अंतर को कम करने में उपयोगी हो सकती है। विद्यार्थी प्रतियोगी परीक्षाओं से संबंधित डिजिटल सामग्री, ऑनलाइन अध्ययन संसाधनों और विषयवार सामग्री का इस्तेमाल कर अपनी तैयारी को व्यवस्थित ढंग से आगे बढ़ा सकेंगे।

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स्कूली बच्चों के लिए भी उपयोगी होगी लाइब्रेरी डिजिटल लाइब्रेरी का लाभ केवल बड़े विद्यार्थियों या प्रतियोगी परीक्षार्थियों तक सीमित नहीं रहेगा। स्कूली बच्चे भी पाठ्यक्रम से जुड़े अतिरिक्त अध्ययन संसाधनों का इस्तेमाल कर सकेंगे। किसी कठिन अध्याय को दोबारा समझने, विषय से संबंधित जानकारी जुटाने और अपनी जिज्ञासाओं का समाधान तलाशने में डिजिटल माध्यम मददगार हो सकता है। इससे बच्चों में स्वयं अध्ययन करने की प्रवृत्ति को भी बढ़ावा मिल सकता है।

गांव के बच्चों को शहर जैसी डिजिटल सुविधा अब तक आधुनिक डिजिटल अध्ययन सुविधाओं के लिए ग्रामीण विद्यार्थियों को आसपास के शहरों की ओर जाना पड़ता था। गांव में ही डिजिटल लाइब्रेरी की शुरुआत होने से विद्यार्थियों के लिए स्थानीय स्तर पर अध्ययन का विकल्प तैयार हुआ है। इससे आने-जाने में लगने वाले समय और खर्च को कम करने में मदद मिल सकती है तथा विद्यार्थियों को नियमित रूप से अध्ययन करने के लिए अधिक सुविधाजनक वातावरण मिल सकता है।

ग्रामीण प्रतिभाओं को मिलेगा आगे बढ़ने का मंचगांवों में प्रतिभाशाली विद्यार्थियों की कोई कमी नहीं है, लेकिन संसाधनों की उपलब्धता कई बार उनकी तैयारी को प्रभावित करती है। डिजिटल लाइब्रेरी ऐसे विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण अध्ययन सामग्री तक पहुंच उपलब्ध कराने का माध्यम बन सकती है। बेहतर संसाधनों के साथ विद्यार्थी अपनी क्षमता के अनुसार तैयारी कर सकेंगे और शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने के नए अवसर तलाश सकेंगे।

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डिजिटल साक्षरता के साथ बढ़ेगा आत्मविश्वास डिजिटल लाइब्रेरी केवल पढ़ाई का स्थान नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को तकनीक के साथ सीखने का अवसर भी दे सकती है। डिजिटल संसाधनों का नियमित इस्तेमाल बच्चों और युवाओं में तकनीकी दक्षता विकसित करने में मदद करेगा। ऑनलाइन जानकारी को खोजना, समझना और उसका शैक्षिक उपयोग करना उनके सीखने के अनुभव को व्यापक बना सकता है।

सेवा संकल्प अभियान में शिक्षा को मिला नया आयाम डिजिटल लाइब्रेरी का शुभारंभ 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक चल रहे सेवा संकल्प अभियान के तहत किया गया। अभियान के दौरान जनसेवा, स्वच्छता, जनजागरूकता और शिक्षा से जुड़े विभिन्न कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। पिलखुवा देहात में डिजिटल लाइब्रेरी की शुरुआत इसी क्रम में ग्रामीण शिक्षा को तकनीक से जोड़ने वाली पहल के रूप में सामने आई है।प्रभावी संचालन से बदल सकती है पढ़ाई की तस्वीर डिजिटल लाइब्रेरी का वास्तविक प्रभाव उसके नियमित और प्रभावी संचालन पर निर्भर करेगा।

यदि विद्यार्थी लगातार इसका उपयोग करते हैं और उन्हें गुणवत्तापूर्ण डिजिटल अध्ययन सामग्री उपलब्ध होती है, तो यह सुविधा ग्रामीण क्षेत्र में अध्ययन के माहौल को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। इससे गांव के बच्चों और युवाओं को अपने क्षेत्र में रहते हुए आधुनिक शिक्षा संसाधनों तक पहुंच बनाने का अवसर मिलेगा और पिलखुवा देहात में डिजिटल शिक्षा की नई राह मजबूत हो सकती है।