राष्ट्र संवाद टाइम्स : ajay verma :
जीएस मेडिकल कॉलेज में फार्माकोविजिलेंस सप्ताह का समापन, नुक्कड़ नाटक से विद्यार्थियो ने दिया दवा सुरक्षा का संदेश
हापुड़। जनपद हापुड़ के पिलखवा स्थित जीएस मेडिकल कॉलेज में औषध विज्ञान विभाग की ओर से आयोजित 6th Pharma covigilance Week का बुधवार को प्रभावशाली कार्यक्रम के साथ समापन हुआ। 17 से 23 सितंबर तक चले सप्ताहभर के आयोजन में विद्यार्थियों और स्वास्थ्य कर्मियों को दवाओं के तर्क संगत उपयोग, प्रतिकूल दवा प्रतिक्रियाओं (ADR) की पहचान तथा उनकी समय पर रिपोर्टिंग के प्रति जागरूक किया गया।
इस वर्ष आयोजन की थीम “Promoting Rational Use of Medicines through Pharma covigilance – A Step Towards Safer Healthcare” रही।दवा के सही इस्तेमाल के साथ सुरक्षा पर भी जोर फार्माकोविजिलेंस सप्ताह का मुख्य उद्देश्य भावी चिकित्सकों एवं नर्सिंग पेशेवरों को दवाओं के सुरक्षित और तर्क संगत उपयोग के प्रति जागरूक करना रहा।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों को समझाया गया कि दवा मरीज के उपचार का महत्वपूर्ण माध्यम है, लेकिन उसके संभावित दुष्प्रभावों की पहचान और निगरानी भी मरीज की सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी है।Awareness Session में विद्यार्थियों को मिली महत्वपूर्ण जानकारीआयोजन के तहत 21 एवं 22 सितंबर को Pharmacology विभागाध्यक्ष डॉ. ज्योत्सना शर्मा के मार्गदर्शन में MBBS एवं नर्सिंग विद्यार्थियों के लिए विशेष Awareness Session आयोजित किया गया।
इसमें डॉ. रजनी के. राय ने विद्यार्थियों को फार्माकोविजिलेंस की अवधारणा, Adverse Drug Reactions (ADR) की पहचान, प्रतिकूल प्रभावों की रिपोर्टिंग प्रक्रिया तथा मरीजों को सुरक्षित और प्रभावी उपचार उपलब्ध कराने में फार्माकोविजिलेंस की भूमिका के बारे में विस्तार से जानकारी दी।विद्यार्थियों को बताया गया कि दवाओं का उचित एवं तर्क संगत उपयोग उपचार की प्रभाव शीलता बढ़ाने के साथ अनावश्यक दुष्प्रभावों और दवा संबंधी जोखिमों को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
वहीं किसी दवा के संभावित प्रतिकूल प्रभाव की समय पर पहचान और रिपोर्टिंग से मरीजों की सुरक्षा को और मजबूत किया जा सकता है।नुक्कड़ नाटक के जरिए दिया जागरूकता का संदेश फार्माकोविजिलेंस सप्ताह के समापन अवसर पर 23 सितंबर को अस्पताल परिसर में नर्सिंग विद्यार्थियों ने प्रभावशाली नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया।
विद्यार्थियों ने अभिनय के माध्यम से बिना चिकित्सकीय सलाह के दवा लेने से होने वाले संभावित नुकसान, दवाओं के सही इस्तेमाल, प्रतिकूल दवा प्रतिक्रियाओं की पहचान और उनकी समय पर रिपोर्टिंग का संदेश रोचक एवं सरल अंदाज में दिया।नुक्कड़ नाटक ने अस्पताल परिसर में मौजूद लोगों और विद्यार्थियों का ध्यान आकर्षित किया।
प्रस्तुति के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि प्रत्येक दवा का इस्तेमाल चिकित्सकीय सलाह और उचित जानकारी के साथ किया जाना चाहिए तथा किसी भी संदिग्ध प्रतिकूल प्रतिक्रिया को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।फार्माकोविजिलेंस को बताया मरीज सुरक्षा का अहम आधार कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को बताया गया कि फार्माकोविजिलेंस केवल ADR की रिपोर्टिंग तक सीमित नहीं है, बल्कि यह Patient Safety और Quality Healthcare का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
दवाओं के तर्कसंगत उपयोग और प्रतिकूल प्रतिक्रियाओं की उचित रिपोर्टिंग के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुरक्षित एवं प्रभावी बनाने में मदद मिलती है।विभागीय टीम का रहा महत्वपूर्ण सहयोग आयोजन में Pharmacology विभागाध्यक्ष डॉ. ज्योत्सना शर्मा के मार्गदर्शन में विभागीय टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस दौरान डॉ. अमित मित्तल, डॉ. हिमांशु अग्रवाल, डॉ. अपूर्वा, डॉ. श्रेष्ठा, पीजी डॉ. विवेक सहित नॉन-टीचिंग स्टाफ मुस्कान और रचना का भी महत्वपूर्ण सहयोग रहा।
सप्ताहभर चले जागरूकता कार्यक्रमों ने विद्यार्थियों में दवा सुरक्षा को लेकर समझ को मजबूत किया और उन्हें भविष्य में मरीजों के उपचार के दौरान अधिक सतर्क एवं जिम्मेदार भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया। आयोजन के माध्यम से “Safe Medicine, Safe Patient, Safer Healthcare” का संदेश प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाया गया।
