राष्ट्र संवाद टाइम्स : aarif kassar :
धौलाना में गरजे लेखपाल, आठ सूत्रीय मांगों को लेकर अतिरिक्त क्षेत्रों का बहिष्कार
आरके कार्यालय में जमा किया अतिरिक्त चार्ज, मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन तेज करने की चेतावनी
हापुड़,धौलाना। राजस्व परिषद द्वारा लेखपालों की आठ सूत्रीय मांगों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने से नाराज उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के आह्वान पर मंगलवार को धौलाना तहसील में लेखपालों ने मोर्चा खोल दिया। प्रदेशव्यापी आह्वान के तहत लेखपालों ने अतिरिक्त क्षेत्रों के कार्य का बहिष्कार करते हुए अपने-अपने अतिरिक्त क्षेत्रों का चार्ज आरके कार्यालय में जमा कर दिया।
लेखपालों के इस कदम से राजस्व विभाग में हलचल तेज हो गई है और अतिरिक्त क्षेत्रों से जुड़े कामकाज प्रभावित होने की संभावना जताई जा रही है।लेखपाल संघ का कहना है कि संगठन लंबे समय से लेखपालों की आठ सूत्रीय मांगों को लेकर शासन और राजस्व परिषद के समक्ष आवाज उठा रहा है। कई बार मांगें रखे जाने के बावजूद अपेक्षित समाधान नहीं होने से अब संगठन ने चरणबद्ध तरीके से विरोध शुरू किया है।
तहसील अध्यक्ष निर्देश पाल ने कहा कि लेखपालों की मांगों को लेकर लगातार शासन और राजस्व परिषद से वार्ता एवं पत्राचार किया जा रहा है, लेकिन अभी तक मांगों का अपेक्षित समाधान नहीं हुआ है। संगठन के निर्देश पर फिलहाल सभी लेखपालों ने अतिरिक्त क्षेत्रों का बहिष्कार कर उनका चार्ज आरके कार्यालय में जमा कराया है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि मांगों के समाधान की दिशा में जल्द ठोस कदम नहीं उठाया गया तो संगठन के निर्देशानुसार आंदोलन को आगे बढ़ाया जाएगा। लेखपालों ने कहा कि उनकी मांगों का शीघ्र निस्तारण किया जाना जरूरी है, ताकि विभागीय व्यवस्था सुचारु बनी रहे और कर्मचारियों को भी अपनी समस्याओं का समाधान मिल सके।
अतिरिक्त काम का बोझ बना विरोध की वजह लेखपालों का कहना है कि अतिरिक्त क्षेत्रों का कार्यभार संभालने के कारण काम का दबाव बढ़ रहा है। ऐसे में संगठन ने अतिरिक्त क्षेत्रों के कार्य का बहिष्कार करने का निर्णय लिया है। मंगलवार को चार्ज आरके कार्यालय में जमा किए जाने के बाद अब प्रशासन के सामने अतिरिक्त क्षेत्रों से जुड़े कार्यों को संचालित करने की चुनौती भी खड़ी हो सकती है।
इस दौरान तहसील अध्यक्ष निर्देश पाल, तहसील सचिव संजीव कुमार, अनुज चौधरी, गौरव चौधरी, शिवानी चौहान, टिंकू राम, सुकराम पाल, शमशे आलम, प्रभात कुमार सहित अन्य लेखपाल मौजूद रहे।लेखपालों के इस सामूहिक कदम को उनकी आठ सूत्रीय मांगों के समर्थन में बड़ा विरोध माना जा रहा है। अब देखना होगा कि शासन और राजस्व परिषद की ओर से मांगों पर क्या कार्रवाई की जाती है।
