राष्ट्र संवाद टाइम्स : ajay verma :
रस्म गोद भराई की, संदेश स्वस्थ समाज का, डीएम कविता मीना ने गर्भवती महिलाओं को बांटी पोषण की सौगात
हापुड़। गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य, पोषण और सुरक्षित मातृत्व को लेकर शनिवार को हापुड़ तहसील परिसर में महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से विशेष गोद भराई कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में जिलाधिकारी श्रीमती कविता मीना ने पांच गर्भवती महिलाओं की पारंपरिक रीति-रिवाज के साथ गोद भराई कराई और उन्हें पोषण किट वितरित कर स्वस्थ मातृत्व का संदेश दिया। इस दौरान जिलाधिकारी ने गर्भवती महिलाओं से आत्मीयता के साथ संवाद करते हुए उनके स्वास्थ्य, खान-पान और गर्भावस्था के दौरान मिल रही स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी ली। कार्यक्रम में महिलाओं को फल, सूखे मेवे, हरी सब्जियां तथा अन्य पौष्टिक खाद्य सामग्री से युक्त पोषण किट प्रदान की गई। जिलाधिकारी ने कहा कि गर्भावस्था के दौरान संतुलित आहार, नियमित स्वास्थ्य जांच और चिकित्सकीय परामर्श का पालन मां और गर्भस्थ शिशु के बेहतर स्वास्थ्य के लिए बेहद जरूरी है। उन्होंने महिलाओं को अपने खान-पान पर विशेष ध्यान देने और स्वास्थ्य संबंधी किसी भी परेशानी को नजरअंदाज नहीं करने के लिए प्रेरित किया।
पांच गर्भवती महिलाओं की कराई गोद भराई, डीएम ने जाना स्वास्थ्य का हाल
गोद भराई कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी कविता मीना ने पांच गर्भवती महिलाओं की पारंपरिक रीति-रिवाज के साथ गोद भराई की रस्म पूरी कराई। इस अवसर पर महिलाओं को पोषण किट उपलब्ध कराते हुए उनके स्वस्थ मातृत्व की कामना की गई। जिलाधिकारी ने महिलाओं से बातचीत कर यह जानकारी ली कि वे किस प्रकार का भोजन कर रही हैं और उन्हें गर्भावस्था के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिल रहा है या नहीं। उन्होंने कहा कि गर्भवती महिलाओं को पर्याप्त पोषण मिलने से उनके स्वास्थ्य को बनाए रखने और गर्भस्थ शिशु के विकास में मदद मिलती है। साथ ही समय-समय पर चिकित्सकीय जांच कराना और स्वास्थ्यकर्मियों की सलाह का पालन करना भी आवश्यक है।
आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने गर्भावस्था में बरती जाने वाली सावधानियां बताईं
कार्यक्रम में मौजूद आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने गर्भवती महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान आवश्यक सावधानियों और देखभाल के बारे में विस्तार से जानकारी दी। महिलाओं को संतुलित एवं पौष्टिक भोजन, आयरन-फोलिक एसिड सहित आवश्यक पोषण, नियमित स्वास्थ्य जांच, स्वच्छता और प्रसव पूर्व देखभाल के महत्व के बारे में बताया गया। कार्यकत्रियों ने कहा कि गर्भावस्था के दौरान किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य संबंधी परेशानी होने पर लापरवाही न बरती जाए। समय से स्वास्थ्य केंद्र पहुंचकर चिकित्सकीय सलाह लेने के साथ ही सरकारी स्वास्थ्य एवं पोषण सेवाओं का लाभ उठाना चाहिए। परिवार के सदस्यों को भी गर्भवती महिलाओं के खान-पान और स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों पर विशेष ध्यान देने के लिए जागरूक किया गया।
स्वस्थ मां और स्वस्थ बच्चे के लिए पोषण को बनाया आधार
जिलाधिकारी कविता मीना ने कहा कि गर्भवती महिलाओं को समय पर उचित पोषण, स्वास्थ्य सुविधाएं और आवश्यक परामर्श उपलब्ध कराना बेहद महत्वपूर्ण है। स्वस्थ मां ही बच्चे के बेहतर विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इसलिए गर्भावस्था के दौरान महिलाओं के स्वास्थ्य और पोषण को लेकर परिवार तथा समाज दोनों को सजग रहने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि गोद भराई जैसे कार्यक्रमों का उद्देश्य केवल रस्म पूरी करना नहीं, बल्कि गर्भवती महिलाओं और उनके परिवारों को मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना और उन्हें सरकारी योजनाओं एवं पोषण सेवाओं से जोड़ना भी है।
कार्यक्रम के दौरान गर्भवती महिलाओं के चेहरों पर खुशी नजर आई। जिलाधिकारी ने उन्हें पोषण किट प्रदान कर स्वस्थ मातृत्व के लिए शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां तथा संबंधित विभागीय कर्मचारी मौजूद रहे। हापुड़ तहसील परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम के माध्यम से प्रशासन ने गर्भवती महिलाओं के सम्मान, बेहतर पोषण और सुरक्षित मातृत्व को लेकर जागरूकता का संदेश दिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य गर्भवती महिलाओं को आवश्यक पोषण और स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति जागरूक करना तथा मां और शिशु के स्वस्थ भविष्य की दिशा में सहयोग प्रदान करना रहा।
