राष्ट्र संवाद टाइम्स : ajay verma
SIMS में स्टाइपेंड विवाद पर धरना, भूख हड़ताल और फिर निलंबन… SIMS में स्टाइपेंड विवाद ने पकड़ा तूल
₹25 हजार स्टाइपेंड की मांग पर कई दिनों से आंदोलनरत इंटर्न डॉक्टर, 10 को किया गया निलंबित; छात्रावास खाली कराने के निर्देश
हापुड़। पिलखुवा क्षेत्र स्थित सरस्वती इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (SIMS) में इंटर्न डॉक्टरों के स्टाइपेंड को लेकर शुरू हुआ विवाद अब निलंबन तक पहुंच गया है। करीब 150 एमबीबीएस इंटर्न डॉक्टर कई दिनों से स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। इसी बीच संस्थान की ओर से प्रदर्शन में शामिल 10 इंटर्न डॉक्टरों को अगले आदेश तक तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।
निलंबित इंटर्नों को छात्रावास भी तत्काल खाली करने के निर्देश दिए गए हैं।इंटर्न डॉक्टर वर्तमान में मिल रहे करीब 10 हजार रुपये मासिक स्टाइपेंड को बढ़ाकर 25 हजार रुपये किए जाने की मांग कर रहे हैं। इस मांग को लेकर पहले भी इंटर्न डॉक्टर संस्थान में धरना-प्रदर्शन कर चुके हैं। दैनिक जागरण की पूर्व रिपोर्ट के अनुसार, इंटर्नों ने ₹25 हजार मासिक स्टाइपेंड की मांग को लेकर प्रदर्शन किया था और मामले में संस्थान प्रबंधन का पक्ष भी सामने आया था।
13 सितंबर शाम छह बजे से भूख हड़तालआंदोलन के बीच इंटर्न डॉक्टरों ने 13 सितंबर की शाम करीब छह बजे से भूख हड़ताल शुरू कर दी। छात्रों का कहना है कि वे अपनी मांगों को लेकर लगातार शांतिपूर्ण तरीके से आवाज उठा रहे थे, लेकिन उनकी मांगों पर समाधान निकालने के बजाय 10 इंटर्न डॉक्टरों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई कर दी गई।आंदोलनरत छात्रों का कहना है कि मांग रखने के बदले उन्हें सस्पेंशन मिला है।
छात्रों ने साफ कर दिया है कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक भूख हड़ताल जारी रहेगी।ओपीडी गेट, आयुष्मान सेल और बिलिंग काउंटर प्रभावित होने का दावासंस्थान की ओर से निलंबन की कार्रवाई के पीछे मरीजों को मिलने वाली स्वास्थ्य सेवाओं में कथित व्यवधान को प्रमुख आधार बताया गया है। संस्थान के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान ओपीडी गेट, आयुष्मान सेल और ओपीडी बिलिंग काउंटर के संचालन में बाधा उत्पन्न होने की स्थिति बनी, जिससे मरीजों की सेवाएं और देखभाल प्रभावित होने का दावा किया गया।
इसी को लेकर संस्थान प्रबंधन ने प्रदर्शन में शामिल 10 इंटर्न डॉक्टरों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की। निलंबन आदेश के तहत सभी को अगले आदेश तक निलंबित करने के साथ छात्रावास तत्काल खाली करने के निर्देश दिए गए हैं।सरकारी संस्थानों में ₹25 हजार स्टाइपेंड का फैसला स्टाइपेंड विवाद के बीच उत्तर प्रदेश सरकार ने राजकीय मेडिकल कॉलेजों, चिकित्सा संस्थानों और चिकित्सा विश्वविद्यालयों में रोटेटिंग इंटर्नशिप करने वाले एमबीबीएस और बीडीएस इंटर्नों का स्टाइपेंड ₹12 हजार से बढ़ाकर ₹25 हजार प्रतिमाह करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। दैनिक जागरण की रिपोर्ट में इस फैसले का उल्लेख किया गया है।हालांकि, निजी मेडिकल संस्थानों में इस बढ़ी हुई राशि को लागू किए जाने को लेकर स्थिति अलग है।
दैनिक जागरण की रिपोर्ट के मुताबिक, सरस्वती अस्पताल प्रबंधन का कहना था कि निजी संस्थानों में ₹25 हजार स्टाइपेंड लागू करने का सरकार की ओर से स्पष्ट प्रावधान नहीं है। इसी मुद्दे को लेकर इंटर्न डॉक्टरों और संस्थान प्रबंधन के बीच विवाद बना हुआ है।निलंबन के बाद आंदोलन और गरमाया10 इंटर्न डॉक्टरों के निलंबन के बाद मामला और तूल पकड़ गया है।
एक तरफ इंटर्न डॉक्टर ₹25 हजार स्टाइपेंड की मांग को लेकर भूख हड़ताल पर बैठे हैं, तो दूसरी ओर संस्थान ने मरीजों की सेवाओं में कथित बाधा और अनुशासन का हवाला देते हुए कार्रवाई की है।अब यह विवाद स्टाइपेंड की मांग से आगे बढ़कर भूख हड़ताल, निलंबन और मरीजों की स्वास्थ्य सेवाओं पर कथित असर तक पहुंच गया है। छात्रों ने मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने की बात कही है। वहीं, संस्थान की कार्रवाई के बाद अब मामले के अगले रुख पर सभी की निगाहें टिकी हैं।
