राष्ट्र संवाद टाइम्स : ajay verma

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मुर्गीपालन से संवरेगी तकदीर, 50 लोगों को मुफ्त प्रशिक्षण देकर रोजगार से जोड़ेगा पशुपालन विभाग

हापुड़। रोजगार की तलाश कर रहे लोगों के लिए पशुपालन विभाग ने कमाई का नया रास्ता खोल दिया है। देशी अंडों के उत्पादन के लिए मुर्गीपालन को व्यवसाय के रूप में अपनाने के इच्छुक 50 पुरुष और महिलाओं को दो दिवसीय निःशुल्क प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण के बाद लाभार्थी मुर्गीपालन को अपने घर के आसपास स्वरोजगार का जरिया बनाकर आय अर्जित कर सकेंगे।

सितंबर-अक्टूबर 2026 में प्रस्तावित प्रशिक्षण आईवीआरआई, बरेली स्थित केंद्रीय पक्षी अनुसंधान संस्थान में कराया जाएगा। लाभार्थियों का चयन पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर किया जाएगा। प्रशिक्षण के लिए चयनित लाभार्थियों के आने-जाने का परिवहन, रहने और खाने की व्यवस्था पशुपालन विभाग की ओर से पूरी तरह निःशुल्क की जाएगी।500 से 1000 देशी मुर्गियों का कर सकेंगे पालनप्रशिक्षण के बाद लाभार्थी पशुपालन विभाग की तकनीकी सहायता से अपने घर के आसपास डीप-लिटर सिस्टम में बिना केज के 500 से 1000 देशी मुर्गियों का पालन कर सकेंगे।

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मुर्गियों से देशी अंडों का उत्पादन कर उन्हें बाजार में बेचकर आय अर्जित की जा सकेगी। इस तरह मुर्गीपालन को छोटे स्तर से शुरू कर धीरे-धीरे व्यवसाय के रूप में विकसित किया जा सकता है।महिलाओं के लिए भी खुला अवसरप्रशिक्षण के लिए पुरुषों के साथ महिलाएं भी आवेदन कर सकती हैं। इच्छुक लाभार्थी अपने क्षेत्र के नजदीकी पशु चिकित्सालय में अपना नाम दर्ज करा सकते हैं। इसके अलावा मुख्य पशुचिकित्साधिकारी कार्यालय, विकास भवन, हापुड़, दिल्ली रोड स्थित कमरा नंबर 23, 27 या 29 में स्वयं आवेदन जमा किया जा सकता है।

प्राथमिकता के आधार पर चयनित लाभार्थियों को प्रशिक्षण की तिथि की जानकारी दी जाएगी। आवेदन-पत्र जमा करने की अंतिम तिथि 18 सितंबर 2026 को शाम तीन बजे तक निर्धारित की गई है।

मुख्य पशुचिकित्साधिकारी डॉ. ओ.पी. मिश्रा ने इच्छुक पुरुष एवं महिलाओं से निर्धारित समय सीमा के भीतर आवेदन जमा कर प्रशिक्षण का लाभ उठाने और मुर्गीपालन को रोजगार का माध्यम बनाने की अपील की है।

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