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हापुड़ में HIV-एड्स नियंत्रण की नई रणनीति तैयार, जांच से इलाज तक हर कड़ी मजबूत करने पर जोर

हापुड़ : जनपद हापुड़ में स्वास्थ्य विभाग ने एचआईवी-एड्स के खिलाफ अपनी कवायद तेज कर दी है। संक्रमित लोगों की समय से पहचान, एचआईवी जांच, उपचार से जोड़ने और इलाज की निरंतरता बनाए रखने के साथ मरीजों को भेदभाव से बचाने पर भी विभाग का विशेष फोकस है। इसी दिशा में राष्ट्रीय एड्स एवं एसटीआई नियंत्रण कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर जनपद में एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में स्वास्थ्य विभाग समेत संबंधित अधिकारियों ने कार्यक्रम की प्रगति की समीक्षा करते हुए एचआईवी नियंत्रण व्यवस्था को और मजबूत बनाने की रणनीति पर मंथन किया।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. किशोर कुमार आहूजा ने कार्यशाला का शुभारंभ करते हुए कहा कि एचआईवी की रोकथाम के लिए समय पर पहचान और सही उपचार बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि संक्रमित व्यक्तियों के साथ बिना किसी भेदभाव के व्यवहार करते हुए उन्हें आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ना सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने कार्यक्रम की विभिन्न गतिविधियों को प्रभावी ढंग से लागू करने पर जोर दिया।

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मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. हेमलता सिंह ने कहा कि एचआईवी/एड्स से ग्रस्त व्यक्ति के साथ भेदभाव करना दंडनीय अपराध है। उन्होंने संक्रमित मरीजों के साथ समानता का व्यवहार करने की अपील की। साथ ही एचआईवी की रोकथाम, समय से जांच और संक्रमित व्यक्तियों को उपचार से जोड़ने की प्रक्रिया को और प्रभावी बनाने पर जोर दिया।

टीबी और एचआईवी की जांच को लेकर भी सख्ती
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. राजेश सिंह ने टीबी और एचआईवी की संयुक्त जांच व्यवस्था को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक टीबी मरीज की एचआईवी जांच और प्रत्येक एचआईवी/एड्स मरीज की टीबी जांच कराना जरूरी है। कार्यशाला में HIV Testing, Linkage to ART, Retention in Care और Viral Load Testing को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया।
विभागीय समन्वय से अभियान को मिलेगी और धार

कार्यशाला में जनपद में कार्यक्रम की प्रगति, सामने आ रही चुनौतियों और उनके समाधान को लेकर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। अधिकारियों ने नियमित समीक्षा के साथ बेहतर रेफरल एवं लिंकज और विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों के बीच प्रभावी समन्वय को प्राथमिकता देने पर जोर दिया, ताकि एचआईवी से जुड़े मरीजों को समय पर जांच, उपचार और लगातार देखभाल की सुविधा मिल सके।

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प्रशिक्षण UP SACS से दीपक तिवारी, अवंतिका बाजपेई और डॉ. मनीष शर्मा तथा दिशा क्लस्टर से सचिन कुमार ने दिया। कार्यशाला में एडिशनल सीएमओ डॉ. महेश चंद, डॉ. दिनेश कुमार भारती, डिप्टी जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. केके शर्मा, जिला पीएमडीटी/टीबी-एचआईवी कोऑर्डिनेटर मनोज कुमार गौतम सहित संबंधित चिकित्सा अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।