Screenshot

राष्ट्र संवाद टाइम्स हापुड़ : अजय वर्मा

📢 Join Our WhatsApp Group

ताज़ा खबरों के लिए हमारे व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ें

Join Now

पिलखुवा। देशभक्ति की भावना, तिरंगे की शान और आध्यात्मिक चेतना के बीच प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय, पिलखुवा केंद्र पर 80वां स्वतंत्रता दिवस बेहद उत्साह और गरिमामय वातावरण में मनाया गया। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर केंद्र परिसर में भारतीय राष्ट्रीय ध्वज पूरे सम्मान के साथ फहराया गया। तिरंगा लहराते ही पूरा वातावरण राष्ट्रभक्ति के भाव से सराबोर हो उठा। कार्यक्रम में मौजूद भाई-बहनों ने देश की एकता, अखंडता, शांति और समृद्धि के लिए संकल्प लिया।

ध्वजारोहण के दौरान राष्ट्रीय भावना से ओतप्रोत वातावरण देखने को मिला। कार्यक्रम में देश की आजादी के लिए अपने प्राणों का बलिदान देने वाले वीर स्वतंत्रता सेनानियों और शहीदों को श्रद्धापूर्वक नमन किया गया। उपस्थित लोगों ने कहा कि आजादी केवल एक ऐतिहासिक उपलब्धि नहीं, बल्कि देशवासियों की जिम्मेदारी भी है कि वे राष्ट्र की एकता और सामाजिक सौहार्द को मजबूत बनाने में अपनी भूमिका निभाएं।

‘सच्ची आजादी मन के विकारों से मुक्ति’

केंद्र की सेवा प्रभारी आदरणीय राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी करुणाजी दीदी ने ध्वजारोहण के अवसर पर स्वतंत्रता दिवस का आध्यात्मिक महत्व बताते हुए कहा कि देश को बाहरी गुलामी से आजादी मिलना गौरव का विषय है, लेकिन व्यक्ति की वास्तविक स्वतंत्रता तब है, जब वह अपने मन के नकारात्मक विचारों और विकारों पर विजय प्राप्त कर सके।

Also Read  12 सितंबर की लोक अदालत पर प्रशासन का फोकस, लंबित मामलों के निस्तारण को अधिकारी अलर्ट

उन्होंने कहा कि आज आधुनिक जीवनशैली में मनुष्य अनेक प्रकार के मानसिक और भावनात्मक बंधनों से जूझ रहा है। क्रोध, लोभ, मोह, अहंकार, ईर्ष्या, तनाव, नकारात्मक सोच और मोबाइल की बढ़ती लत व्यक्ति की मानसिक शांति को प्रभावित कर रही है। ऐसे में राजयोग मेडिटेशन मन को स्थिर करने, सकारात्मक विचारों को बढ़ाने और आत्मबल को मजबूत करने का प्रभावी माध्यम बन सकता है।

उन्होंने कहा कि देश को मजबूत बनाने के लिए केवल सीमाओं की रक्षा ही जरूरी नहीं, बल्कि समाज के भीतर प्रेम, भाईचारा, शांति और सकारात्मक सोच को मजबूत करना भी उतना ही आवश्यक है।

आजादी के साथ जिम्मेदारियों को भी याद किया

कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस हमें उन वीरों के संघर्ष और बलिदान की याद दिलाता है, जिनके त्याग के कारण आज देशवासी स्वतंत्र वातावरण में सांस ले रहे हैं। इसलिए आजादी का वास्तविक सम्मान तभी होगा, जब प्रत्येक नागरिक अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से पालन करे और देशहित को सर्वोपरि रखे।

Also Read  हापुड़ जीएस यूनिवर्सिटी ऑफ़ मेडिकल साइंस में राष्ट्रभक्ति और एकता व अखंडता के साथ मनाया गया 80वाँ दिवस समारोह

कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने देश की एकता और अखंडता को मजबूत रखने, समाज में आपसी भाईचारा बढ़ाने तथा युवा पीढ़ी को नशे, नकारात्मकता और गलत आदतों से दूर रखने का संदेश दिया।

राजयोग से सकारात्मक समाज का संकल्प

ब्रह्माकुमारी केंद्र की ओर से कहा गया कि जिस प्रकार स्वतंत्रता सेनानियों ने देश को बाहरी बंधनों से मुक्त कराने के लिए संघर्ष किया, उसी प्रकार वर्तमान समय में हर व्यक्ति को अपने भीतर के नकारात्मक संस्कारों और विकारों पर विजय पाने का प्रयास करना चाहिए। राजयोग के माध्यम से आत्मचिंतन और सकारात्मक चिंतन को जीवन का हिस्सा बनाकर मानसिक शांति और आत्मिक शक्ति को बढ़ाया जा सकता है।

कार्यक्रम में ब्रह्माकुमारी प्रेमजी भाई, कमल, गौरव, रविन्द्र, श्वाति बहन, निहारिका, दिव्या, गीता, सरस्वती सहित बड़ी संख्या में भाई-बहन मौजूद रहे। सभी ने राष्ट्र की प्रगति, शांति, सद्भाव और मानव कल्याण के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

तिरंगे की शान और देशभक्ति के जज्बे के बीच आयोजित कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि भारत की आजादी का उत्सव केवल तिरंगा फहराने तक सीमित नहीं, बल्कि देश को मजबूत, शांतिपूर्ण और संस्कारवान बनाने के संकल्प का पर्व भी है।