राष्ट्र संवाद टाइम्स : ajay verma :
पिलखुवा में बंदरों के झुंड ने चार महिलाओं को घेरा, कृष्णगंज की घटना से राहगीरों में बढ़ी चिंता, पालिका से कार्रवाई की मांग
पिलखुवा। जनपद हापुड़ के पिलखुवा नगर पालिका क्षेत्र में शनिवार शाम बाजार में खरीदारी के लिए निकलीं मोहल्ला आजमगढ़ निवासी चार महिलाओं को कृष्णगंज के समीप बंदरों के झुंड ने घेर लिया। अचानक बड़ी संख्या में बंदरों के आसपास आ जाने से महिलाएं घबरा गईं और उन्होंने शोर मचाकर मदद मांगी। आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे तो बंदर वहां से दूर चले गए। घटना में किसी महिला को चोट नहीं आई, हालांकि अचानक घटी घटना से चारों काफी देर तक भयभीत रहीं।
बाजार की ओर जाते समय कृष्णगंज के पास अचानक महिलाओं के चारों ओर जमा हुआ बंदरों का झुंड
जानकारी के अनुसार रानी, कमलेश, सरिता और विमला शनिवार शाम आवश्यक खरीदारी के लिए बाजार की ओर जा रही थीं। चारों महिलाएं कृष्णगंज के समीप पहुंचीं, तभी वहां मौजूद बंदरों का झुंड अचानक उनके आसपास आ गया। कुछ ही देर में स्थिति ऐसी बन गई कि महिलाएं घबराकर एक-दूसरे के साथ खड़ी हो गईं और उन्होंने शोर मचाकर आसपास के लोगों से मदद की गुहार लगाई। महिलाओं की आवाज सुनकर आसपास मौजूद राहगीरों और लोगों का ध्यान उनकी ओर गया तथा लोग मौके की तरफ पहुंचे। लोगों की मौजूदगी के बाद बंदर धीरे-धीरे वहां से हटकर दूसरी ओर चले गए, जिसके बाद महिलाओं ने राहत की सांस ली। हालांकि इस घटना के दौरान किसी महिला को चोट लगने की सूचना नहीं है, लेकिन अचानक बंदरों के झुंड के बीच घिर जाने से चारों महिलाएं काफी देर तक डरी-सहमी रहीं।
बंदरों की मौजूदगी से राहगीर परेशान
स्थानीय लोगों के अनुसार पिलखुवा के कई मोहल्लों और बाजार क्षेत्रों में बंदरों के झुंड लगातार परेशानी का कारण बने हुए हैं। सार्वजनिक रास्तों पर अचानक बंदरों के पहुंचने से राहगीरों को सावधानी बरतनी पड़ती है। विशेषकर महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों के सामने ऐसी स्थिति आने पर परेशानी बढ़ जाती है। कृष्णगंज की घटना के बाद लोगों ने बंदरों की समस्या के समाधान की मांग उठाई है।
पुरानी समस्या के स्थायी समाधान की उठी मांग
स्थानीय लोगों का कहना है कि शहर में बंदरों की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। लोगों के मुताबिक समय-समय पर नगर पालिका की ओर से कार्रवाई किए जाने की बात सामने आती रही है और कुछ मौकों पर कदम भी उठाए गए, लेकिन समस्या पूरी तरह समाप्त नहीं हुई। उनका कहना है कि बंदरों की समस्या पर एक-दो बार कार्रवाई तक सीमित रहने के बजाय प्रभावित क्षेत्रों में लगातार और व्यवस्थित प्रयास किए जाने की जरूरत है। स्थानीय लोगों के अनुसार समस्या का स्थायी समाधान तभी संभव होगा, जब पालिका इस दिशा में निरंतर कार्रवाई और निगरानी बनाए रखे।
पालिका से कार्रवाई की मांग
नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी इंद्रपाल सिंह ने बताया कि बंदरों की समस्या को देखते हुए पालिका स्तर से जल्द जरूरी कदम उठाए जाएंगे। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि कृष्णगंज समेत अन्य प्रभावित क्षेत्रों में समस्या का संज्ञान लेकर आवश्यक कार्रवाई की जाए, ताकि बाजार और सार्वजनिक रास्तों पर आने-जाने वाले लोगों को राहत मिल सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
