राष्ट्र संवाद टाइम्स : ajay verma :
हापुड़। जनपद हापुड़ पुलिस की प्रभावी पैरवी के चलते नाबालिग बच्ची से दुष्कर्म के मामले में न्यायालय ने आरोपी को 20 वर्ष के सश्रम कारावास और 15 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। पुलिस के अनुसार, मुकदमे के बाद महज एक माह 28 दिन में न्यायालय से आरोपी को सजा दिलाई गई।पुलिस के मुताबिक, 13 जुलाई 2026 को थाना पिलखुवा क्षेत्र के एक गांव में छह वर्षीय नाबालिग बच्ची को मोटरसाइकिल पर बैठाकर ले जाने और उसके साथ दुष्कर्म करने की घटना सामने आई थी।
मामले में पीड़िता के परिजनों की शिकायत पर थाना पिलखुवा में आरोपी अभिषेक उर्फ पुनु पुत्र सुनील उर्फ बालकिशोर, निवासी कस्बला/कस्तला कासमाबाद, थाना पिलखुवा, जनपद हापुड़ के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था।मामले में पुलिस ने बीएनएस की धारा 137(2), 65(2) तथा पॉक्सो एक्ट की धारा 5/6 के तहत कार्रवाई करते हुए विवेचना पूरी कर आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया।
इसके बाद हापुड़ पुलिस के मॉनिटरिंग सेल और अभियोजन विभाग द्वारा मामले की प्रभावी पैरवी की गई।पुलिस के अनुसार, 10 सितंबर 2026 को माननीय न्यायालय एडीजे/स्पेशल पॉक्सो एक्ट, प्रथम हापुड़ ने आरोपी को दोषी करार देते हुए 20 वर्ष के सश्रम कारावास तथा 15 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई।पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ऑपरेशन कन्विक्शन अभियान के तहत गंभीर अपराधों में प्रभावी पैरवी और मॉनिटरिंग कर आरोपियों को कम से कम समय में सजा दिलाने का प्रयास लगातार जारी है।
इस मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से शासकीय अधिवक्ता हेमेन्द्र कुमार त्यागी, विवेचक निरीक्षक नरेश कुमार, पैरोकार हेड कांस्टेबल देवेंद्र कुमार और कोर्ट मोहर्रिर हेड कांस्टेबल प्रशांत पाण्डेय का विशेष योगदान रहा।
प्रभारी निरीक्षक मनोज कुमार ने बताया कि मामले में पुलिस ने प्रभावी विवेचना करते हुए न्यायालय में मजबूत पैरवी की। ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत लगातार मॉनिटरिंग की गई, जिसके परिणामस्वरूप आरोपी को 20 वर्ष के सश्रम कारावास और 15 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा हुई है। गंभीर अपराधों में दोषियों को सजा दिलाने के लिए पुलिस की प्रभावी पैरवी लगातार जारी रहेगी।
