राष्ट्र संवाद टाइम्स : ajay verma :
हापुड़ में छह वर्षीय मासूम से यौन अपराध का आरोप, आरोपी किशोर को परिजनों ने पुलिस को सौंपा
हापुड़। थाना देहात कोतवाली क्षेत्र में छह वर्षीय मासूम बच्ची से कथित यौन अपराध का मामला सामने आया है। घटना का आरोप एक किशोर पर लगाया गया है। परिजनों के अनुसार, बच्ची को अकेला पाकर आरोपी किशोर ने उसके साथ आपत्तिजनक कृत्य किया। घटना के बाद मासूम भयभीत हो गई। जानकारी मिलने पर परिजनों ने आरोपी किशोर को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी है।
मासूम को अकेला पाकर आपत्तिजनक कृत्य का आरोप परिजनों का आरोप है कि बच्ची के अकेले होने का फायदा उठाकर आरोपी किशोर ने उसके साथ आपत्तिजनक हरकत की। घटना के बाद बच्ची दहशत में आ गई। परिजनों को मामले की जानकारी मिलने पर उन्होंने आरोपी किशोर को पकड़ लिया और पुलिस को सूचना दी।आरोपी किशोर पुलिस के कब्जे में, जांच शुरूपरिजनों द्वारा आरोपी किशोर को पुलिस के हवाले किए जाने के बाद देहात कोतवाली पुलिस ने मामले की पड़ताल शुरू कर दी है।
पुलिस घटना की परिस्थितियों, परिजनों के बयानों और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच कर रही है। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया भी नियमानुसार आगे बढ़ाई जा रही है।पुलिस अधिकारियों ने दिए निष्पक्ष जांच के निर्देशपुलिस अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए घटनाक्रम की निष्पक्ष और विधिसम्मत जांच के निर्देश दिए हैं। जांच में पीड़िता की सुरक्षा, गरिमा और गोपनीयता का विशेष ध्यान रखा जाएगा। अधिकारियों के निर्देश पर उपलब्ध साक्ष्यों और बयानों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
POCSO और किशोर न्याय कानून के तहत प्रक्रिया नाबालिग बच्ची से संबंधित यौन अपराध के आरोप की जांच पॉक्सो अधिनियम, 2012 के लागू प्रावधानों के तहत की जाएगी। आरोपी के किशोर होने की स्थिति में उसके संबंध में किशोर न्याय (बालकों की देखरेख और संरक्षण) अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार प्रक्रिया अपनाई जाएगी। मामले में आरोपों की पुष्टि जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही होगी जांच पूरी होने तक आरोप को आरोप के रूप में ही माना जाएगा पुलिस जांच पूरी होने और सक्षम कानूनी प्रक्रिया के निष्कर्ष सामने आने से पहले आरोपी किशोर को दोषी नहीं माना जा सकता।
वर्तमान में उसके खिलाफ लगाए गए आरोप जांच के अधीन हैं। चिकित्सकीय रिपोर्ट, बयान और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पुलिस मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करेगी।पीड़िता की पहचान सार्वजनिक करना प्रतिबंधित नाबालिग यौन अपराध पीड़िता की पहचान उजागर करने वाली जानकारी प्रकाशित या प्रसारित नहीं की जाएगी। बच्ची का नाम, पता, फोटो, परिवार की ऐसी जानकारी या घटनास्थल का ऐसा विवरण जिससे उसकी पहचान सामने आए, खबर में शामिल नहीं किया गया है।
पीड़िता की पहचान और गरिमा की रक्षा करना इस तरह की रिपोर्टिंग में महत्वपूर्ण कानूनी सावधानी है।पुलिस की जांच के बाद सामने आएगी पूरी तस्वीर फिलहाल मामला जांचाधीन है। पुलिस अधिकारियो का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों, चिकित्सकीय परीक्षण, बयानों और परिस्थितिजन्य तथ्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ा रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर ही आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी और उसी के अनुरूप आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
