राष्ट्र संवाद टाइम्स : संवाददाता : durvesh tomar :
सिम्भावली मिल के खिलाफ गांव में किसानों की हुंकार, तौल कांटा लगाने की कवायद पर लगाया ब्रेक
हापुड़/गढ़मुक्तेश्वर। गन्ना खरीद का नया सत्र शुरू होने से पहले ही सिम्भावली शुगर मिल को लेकर किसानों की नाराजगी खुलकर सामने आने लगी है। गढ़मुक्तेश्वर क्षेत्र के बिहूनी गांव में किसानों ने मिल की ओर से गन्ना खरीद के लिए तौल कांटा लगाए जाने का विरोध कर दिया। मिल कर्मचारी कांटा लगाने के लिए गांव पहुंचे थे, लेकिन मौके पर बड़ी संख्या में किसानों के एकत्र होने और विरोध जताने के बाद तौल कांटा स्थापित नहीं हो सका। कर्मचारियों को सामान वापस लेकर लौटना पड़ा। घटनाक्रम के बाद गांव में काफी देर तक गहमागहमी का माहौल बना रहा।
तौल कांटा लगाने पहुंचे कर्मचारी, किसानों ने मौके पर जताई आपत्ति
जानकारी के अनुसार सिम्भावली शुगर मिल के कर्मचारी बिहूनी गांव में गन्ना खरीद के लिए तौल कांटा लगाने पहुंचे थे। इसकी जानकारी मिलने पर सुमन प्रकाश त्यागी, यशबोध, क्रांति प्रसाद, अनुज कुमार, अर्जुन सिंह, देवराज चौहान, धर्मेंद्र, अनिल, हरेंद्र त्यागी और सुरेंद्र कुमार समेत बड़ी संख्या में किसान मौके पर पहुंच गए। किसानों ने मिल कर्मचारियों के सामने अपनी आपत्ति रखते हुए कांटा लगाने की प्रक्रिया का विरोध किया।
विरोध के बीच वापस ले जाना पड़ा सामान
किसानों की ओर से विरोध किए जाने के कारण मौके पर तौल कांटा लगाने की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी। किसानों ने स्पष्ट किया कि भुगतान से जुड़े पुराने मामलों पर स्थिति साफ होने तक वे नई खरीद व्यवस्था को लेकर अपनी आपत्ति दर्ज कराते रहेंगे। विरोध के बाद कांटा लगाने के लिए लाया गया सामान वापस ले लिया गया और मिल कर्मचारी वहां से लौट गए।
पुराने भुगतान को लेकर किसानों में नाराजगी
विरोध कर रहे किसानों का कहना है कि उनके पुराने गन्ना भुगतान को लेकर स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है। किसानों के मुताबिक गन्ने की खेती में लागत लगातार बढ़ रही है और भुगतान में देरी होने से उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। किसानों ने मांग उठाई कि पहले पुराने भुगतान की स्थिति स्पष्ट की जाए और इसके बाद गन्ना खरीद व्यवस्था को लेकर आगे की कार्रवाई की जाए।
किसानों का दावा—आश्वासन से नहीं बनेगी बात
किसानों ने आरोप लगाया कि भुगतान से जुड़े मुद्दे लंबे समय से उनकी चिंता का कारण बने हुए हैं। उनका कहना है कि जब तक बकाया भुगतान को लेकर ठोस स्थिति सामने नहीं आती, तब तक केवल आश्वासन से किसानों का भरोसा बहाल करना मुश्किल होगा। किसानों ने मिल प्रबंधन से भुगतान संबंधी स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।
गांव में एकजुट दिखे किसान, बढ़ी चर्चा
बिहूनी में बड़ी संख्या में किसानों के एकत्र होकर तौल कांटा लगाने का विरोध करने की घटना ने स्थानीय स्तर पर चर्चा तेज कर दी है। किसानों की एकजुटता से संकेत मिला कि गन्ना भुगतान का मुद्दा उनके लिए गंभीर है। किसानों का कहना है कि वे अपनी मांगों को शांतिपूर्ण तरीके से सामने रख रहे हैं और भुगतान संबंधी समस्याओं के समाधान की अपेक्षा कर रहे हैं।
मिल प्रबंधन का आधिकारिक पक्ष सामने आने पर तस्वीर होगी साफ
इस पूरे मामले में किसानों की ओर से लगाए गए आरोपों को उनके दावे के रूप में देखा जाना चाहिए। सिम्भावली शुगर मिल प्रबंधन की ओर से इस संबंध में आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आने के बाद ही पुराने भुगतान की वास्तविक स्थिति और तौल कांटा लगाने की प्रक्रिया को लेकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल बिहूनी गांव में किसानों के विरोध के कारण तौल कांटा लगाने की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी और मिल कर्मचारियों को लौटना पड़ा।
