राष्ट्र संवाद टाइम्स : ajay verma :
अग्रवाल महासभा चुनाव में चौकड़ायत गुट का परचम, 10 में से 6 पदों पर दर्ज की शानदार जीत
हापुड़। अग्रवाल महासभा के बहुप्रतीक्षित चुनाव में करीब 20 घंटे तक चली मैराथन मतगणना के बाद बुधवार सुबह घोषित हुए परिणामों ने संगठन की नई तस्वीर साफ कर दी। लंबे इंतजार, कड़े मुकाबले और लगातार चली गिनती के बाद आए जनादेश में अतुल चौकड़ायत के नेतृत्व वाले महाराजा अग्रसेन ग्रुप ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 10 में से 6 पदों पर कब्जा जमाया।
परिणामों ने महासभा में चौकड़ायत गुट की मजबूत पकड़ को और मजबूत कर दिया है।चुनाव में प्रधान पद पर अतुल चौकड़ायत, उपप्रधान पद पर राजेंद्र गुप्ता, मंत्री पद पर विमेश गोयल तथा कोषाध्यक्ष पद पर शरद अग्रवाल ने जीत दर्ज की। प्रमुख पदों पर मिली सफलता के बाद समर्थकों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। चुनावी मैदान में दोनों प्रमुख गुटों के बीच कांटे की टक्कर रही, लेकिन अंतिम नतीजों में चौकड़ायत गुट बहुमत हासिल करने में सफल रहा।
मंगलवार सुबह शुरू हुई मतगणना देर रात और फिर बुधवार सुबह तक जारी रही। हर राउंड के साथ प्रत्याशियों और उनके समर्थकों की उत्सुकता बढ़ती रही। मतगणना केंद्र के बाहर समर्थकों का जमावड़ा लगा रहा और सभी की निगाहें परिणामों पर टिकी रहीं। जैसे ही अंतिम नतीजों की घोषणा हुई, समर्थकों ने खुशी से एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर जीत का जश्न मनाना शुरू कर दिया।
दीवान इंटर कॉलेज परिसर के बाहर जीत का उत्सव देर तक जारी रहा। विजयी प्रत्याशियों को फूल-मालाओं से लाद दिया गया, जबकि समर्थकों ने ढोल-नगाड़ों की थाप पर जमकर नृत्य किया। आतिशबाजी और जयघोष से पूरा माहौल उत्सवमय हो गया। चुनाव परिणामों की चर्चा पूरे दिन शहर और अग्रवाल समाज के बीच होती रही।परिणामों के अनुसार महासभा के 10 पदों में से 6 पदों पर अतुल चौकड़ायत गुट के प्रत्याशी विजयी रहे, जबकि 4 पदों पर ललित अग्रवाल गुट के उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की।
इन नतीजों के साथ ही महासभा की नई कार्यकारिणी का स्वरूप पूरी तरह स्पष्ट हो गया है।समाज के वरिष्ठ लोगों का कहना है कि नई कार्यकारिणी के सामने संगठन को और अधिक सशक्त बनाने, सामाजिक गतिविधियों को विस्तार देने तथा समाज की समस्याओं के समाधान के लिए प्रभावी पहल करने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होगी। वहीं विजयी पदाधिकारियों ने समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर चलने और संगठन हित में समर्पित भाव से कार्य करने का भरोसा जताया है।
20 घंटे तक चली मतगणना के बाद आए इस जनादेश ने महासभा की राजनीति का नया अध्याय लिख दिया है। बहुमत के साथ उभरे चौकड़ायत गुट ने संगठन में अपनी मजबूत मौजूदगी का दमदार संदेश दिया है।
