राष्ट्र संवाद टाइम्स : ajay verma –
पिलखुवा अशोक नगर में गंदगी का अंबार, जलभराव से त्रस्त लोग बोले—अब आश्वासन नहीं, समाधान चाहिए
पिलखुवा। जनपद हापुड़ की पिलखुवा नगर पालिका क्षेत्र के मोहल्ला अशोक नगर वार्ड नंबर 7 में सड़कों पर जलभराव की समस्या और जल निकासी की बदहाल व्यवस्था के चलते लोगों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है। गलियों में जमा गंदा पानी और गंदगी के बीच स्थानीय लोग रहने को मजबूर हैं।
हालात यह हैं कि बच्चों, बुजुर्गों और आम लोगों का सड़कों से निकलना भी दुश्वार हो गया है।जलभराव के कारण जगह-जगह गंदगी का अंबार लगा हुआ है और चारों ओर दुर्गंध फैल रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्हें बदबू भरी जिंदगी जीने को मजबूर होना पड़ रहा है। लोगों के मुताबिक, लंबे समय से जल निकासी की समस्या बनी हुई है, लेकिन नगर पालिका प्रशासन की ओर से समस्या के स्थायी समाधान के लिए ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। शिकायतों के बावजूद लोगों को केवल आश्वासन मिलने का आरोप है।
गंदा पानी जमा रहने से मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ गया है। स्थानीय लोगों में डेंगू, मलेरिया समेत अन्य बीमारियां फैलने का डर बना हुआ है। लोगों का कहना है कि समय रहते जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त नहीं की गई तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।
राजेंदर कबीरा, मुकेश सैनी, राकेश, वीर सिंह, कुसुम, नंदू, प्रदीप सिंह समेत अन्य मोहल्ला निवासियों ने नगर पालिका प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताते हुए तत्काल समस्या का समाधान कराने की मांग की है।
वार्ड नंबर 7 के सभासद नरेश भारती ने भी संबंधित अधिकारियों से जल निकासी और सफाई व्यवस्था को दुरुस्त कराने की मांग की है। उनका कहना है कि वार्डवासियों को जलभराव और गंदगी से निजात दिलाने के लिए स्थायी समाधान जरूरी है।
स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे नगर पालिका कार्यालय का घेराव करेंगे। लोगों का कहना है कि अब सिर्फ आश्वासन नहीं, बल्कि धरातल पर काम चाहिए।
नगर पालिका का पक्ष: नगर पालिका के ईओ इंद्रपाल सिंह का कहना है कि वार्ड नंबर 7 अशोक नगर में जलभराव और जल निकासी की समस्या को गंभीरता से लिया जाएगा। उन्होंने संबंधित कर्मचारियों को मौके की स्थिति का निरीक्षण कर तत्काल जल निकासी कराने, नालियों की सफाई कराने और जहां आवश्यकता हो वहां व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए जाने की बात कही है। ईओ ने कहा कि समस्या का केवल अस्थायी समाधान नहीं, बल्कि जल निकासी की व्यवस्था को व्यवस्थित करने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी, ताकि लोगों को बार-बार जलभराव की परेशानी का सामना न करना पड़े।
