राष्ट्र संवाद टाइम्स : ajay verma

नन्हे कान्हाओं ने ऑनलाइन बिखेरा भक्ति का रंग, बाल कृष्ण स्वरूप प्रतियोगिता में दिखी भारतीय संस्कृति की झलक
पिलखुवा। जनपद हापुड़ के पिलखुवा में कृष्ण जन्माष्टमी के पावन पर्व पर नन्हे-मुन्ने बच्चों में भगवान श्रीकृष्ण के प्रति भक्ति और भारतीय संस्कृति से जुड़ाव की अनूठी झलक देखने को मिली। नवोदय युवा समिति के तत्वावधान में ऑनलाइन बाल कृष्ण स्वरूप, pप्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें विभिन्न स्थानों से बच्चों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग कर अपनी मनमोहक प्रस्तुतियां ऑनलाइन भेजीं।
प्रतियोगिता में बच्चों ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं को केंद्र में रखते हुए आकर्षक वेशभूषा धारण की। नन्हे कान्हा के रूप में सजे बच्चों के सिर पर मोरपंख, हाथों में बांसुरी और चेहरे पर मनमोहक मुस्कान ने प्रतियोगिता को खास बना दिया। बच्चों ने अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप को जीवंत कर दिया। प्रतियोगिता में बच्चों के साथ अभिभावकों ने भी बढ़-चढ़कर सहभागिता की।
प्रतियोगिता के संयोजक महेंद्र सिंह ने बताया कि आयोजन का उद्देश्य बच्चों को भारतीय संस्कृति, धार्मिक परंपराओं और संस्कारों से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजनों से बच्चों में अपनी संस्कृति और धार्मिक विरासत के प्रति रुचि पैदा होती है तथा उन्हें भारतीय परंपराओं को समझने और आत्मसात करने का अवसर मिलता है।
उन्होंने बताया कि प्रतियोगिता में शामिल प्रतिभागियों का मूल्यांकन निर्धारित मानकों के आधार पर किया जाएगा। इसके बाद चयनित प्रतिभागियों को आगामी कार्यक्रम में पुरस्कृत कर उनका उत्साहवर्धन किया जाएगा।
समिति अध्यक्ष राजेंद्र सिंह राठी ने विभिन्न स्थानों से प्रतियोगिता में शामिल हुए सभी बाल प्रतिभागियों और उनके अभिभावकों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि बच्चों की प्रतिभा को प्रोत्साहित करने के साथ उन्हें अपनी संस्कृति और परंपराओं से जोड़ना समिति का प्रमुख उद्देश्य है।
प्रतियोगिता के आयोजन में संजय अग्रवाल, डोली, निकिता सिंह, विक्की सिंह और पुष्पा शर्मा सहित अन्य सदस्यों का विशेष सहयोग रहा।
अगर आप चाहें तो इसकी हेडलाइन को और ज्यादा दमदार, धार्मिक और अखबार की फ्रंट-पेज शैली में भी बनाया जा सकता है।

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