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बंद गेट के पीछे उर्वरक का बड़ा खेल! रामपुर रोड पर छापे में 90 बैग MOP, क्रिस्टल पाउडर और मशीनें बरामद, FIR के बाद जांच तेज

हापुड़। किसानों को खाद के नाम पर कथित तौर पर गुमराह करने वाले उर्वरक कारोबार पर कृषि विभाग की कार्रवाई अब मुकदमे और पुलिस विवेचना तक पहुंच गई है। नगर क्षेत्र के रामपुर रोड स्थित एक बड़े परिसर में 3 अक्टूबर को हुई कार्रवाई में कृषि विभाग की टीम को बंद गेट के भीतर उर्वरक तैयार करने और पैकिंग से जुड़ी कई संदिग्ध वस्तुएं मिलीं। मौके से Indian Potash Limited के नाम वाले करीब 90 सिले हुए बैग, लगभग 50 खाली बैग, सफेद क्रिस्टल पाउडर से भरे करीब 20 बैग, ग्राइंडर-मिक्सचर मशीन, तौल मशीन, बैग सिलाई मशीन, जनरेटर और अन्य सामान बरामद होने का उल्लेख एफआईआर में किया गया है। मामले में जिला कृषि अधिकारी गौरव प्रकाश की तहरीर पर मुकदमा दर्ज हो चुका है और पुलिस ने विवेचना शुरू कर दी है।

बाहर ताला, भीतर उर्वरक का संदिग्ध कारोबार; टीम ने गेट खुलवाया तो सामने आया पूरा मामला

एफआईआर में दर्ज विवरण के अनुसार 3 अक्टूबर को रामपुर रोड स्थित परिसर में कृषि विभाग की टीम पहुंची तो मुख्य गेट पर ताला लगा था। मजिस्ट्रेट/नायब तहसीलदार, चौकी प्रभारी तथा पुलिस की मौजूदगी में गेट का ताला खुलवाकर टीम ने परिसर में प्रवेश किया। अंदर पहुंचने पर बड़ी मात्रा में उर्वरक से संबंधित सामग्री और पैकिंग का सामान मिला। मौके पर कोई व्यक्ति मौजूद नहीं मिला, जिसके बाद बरामद सामग्री को सुरक्षित रखते हुए परिसर को सील किए जाने की कार्रवाई की गई।

90 बैग MOP, 50 खाली बोरे और क्रिस्टल पाउडर ने बढ़ाई जांच की गंभीरता

दस्तावेज में दर्ज विवरण के मुताबिक परिसर से Indian Potash Limited के नाम वाले करीब 90 सिले हुए बैग मिले। इसके अलावा लगभग 50 खाली बैग भी पाए गए। अंदर ग्राइंडर-मिक्सचर मशीन और करीब 20 बैग सफेद क्रिस्टल पाउडर से भरे होने का उल्लेख है। दो तौल मशीनें, बैग सिलने की मशीन, जनरेटर तथा अन्य पैकिंग सामग्री भी मिली। इतनी बड़ी मात्रा में सामग्री और मशीनों की मौजूदगी ने पूरे प्रकरण को सामान्य भंडारण से अलग गंभीर जांच के दायरे में ला दिया है।

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DAP जैसी दिखने वाली दानेदार सामग्री मिली, नमूने जांच के लिए भेजे गए

कार्रवाई के दौरान कुछ बैगों में ऐसी दानेदार सामग्री भी मिली, जो प्रथम दृष्टया DAP जैसी दिखाई देने वाली बताई गई है। एफआईआर में इसे नकली DAP निर्माण की तैयारी से संबंधित संभावना के तौर पर दर्ज किया गया है। हालांकि सामग्री की वास्तविक प्रकृति और गुणवत्ता का अंतिम निर्धारण प्रयोगशाला जांच से ही होगा। कृषि विभाग ने MOP से संबंधित सामग्री और सफेद क्रिस्टल पाउडर समेत आवश्यक नमूने विधिवत ग्रहण कर उन्हें राजकीय प्रयोगशाला में परीक्षण के लिए भेजने की कार्रवाई की है।

पैकिंग से लेकर वजन और सिलाई तक का इंतजाम, सिर्फ भंडारण नहीं होने का उठ रहा सवाल

परिसर में केवल बैग मिलने की बात ही सामने नहीं आई, बल्कि एफआईआर में ग्राइंडर-मिक्सचर, वजन करने की मशीन और बैग सिलने की मशीन मिलने का भी उल्लेख है। यही बिंदु इस मामले को और गंभीर बनाता है। जांच का अहम पहलू अब यह होगा कि इन मशीनों का इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया जा रहा था, परिसर में सामग्री कितने समय से मौजूद थी और कथित रूप से तैयार होने वाली सामग्री की आपूर्ति कहां की जानी थी।

मोनू उर्फ विक्की समेत आरोपितों पर मुकदमा, पुलिस ने संभाली जांच की कमान

जिला कृषि अधिकारी गौरव प्रकाश की ओर से दी गई तहरीर के आधार पर मोनू उर्फ विक्की समेत संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। एफआईआर में आरोपितों के खिलाफ उर्वरक नियंत्रण आदेश समेत आवश्यक वस्तु अधिनियम, कॉपीराइट एक्ट, ट्रेडमार्क एक्ट और भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं का उल्लेख किया गया है। एफआईआर के एक्शन टेकन हिस्से में स्पष्ट रूप से मामला दर्ज कर विवेचना शुरू किए जाने की बात दर्ज है। मामले की जांच उपनिरीक्षक नागसैन आनंद को सौंपी गई है।

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पहले की कार्रवाई का भी एफआईआर में उल्लेख, अब पुराने तार भी खंगाले जाएंगे

मामले को और गंभीर बनाने वाला पहलू यह है कि एफआईआर में मोनू उर्फ विक्की के खिलाफ 26 अक्टूबर 2025 को नकली पोटाश और DAP से संबंधित कार्रवाई का भी उल्लेख किया गया है। अब पुलिस की विवेचना में पुराने प्रकरण और मौजूदा मामले के बीच संभावित संबंधों को भी जांच के दायरे में लिया जा सकता है। साथ ही परिसर के वास्तविक मालिक, वहां संचालित गतिविधियों, कच्चे माल की आपूर्ति और तैयार सामग्री की संभावित बिक्री से जुड़े लोगों की भूमिका भी जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा होगी।

किसानों तक पहुंचने से पहले पकड़ा गया कथित खेल, अब प्रयोगशाला रिपोर्ट पर टिकी निगाहें

उर्वरक सीधे किसान की फसल, लागत और उत्पादन से जुड़ा है। ऐसे में मानक से इतर सामग्री को वास्तविक उर्वरक के रूप में बाजार में उतारने की पुष्टि होने पर मामला और गंभीर हो सकता है। फिलहाल कृषि विभाग ने बरामद सामग्री के नमूने परीक्षण के लिए भेज दिए हैं। प्रयोगशाला रिपोर्ट से यह स्पष्ट होगा कि बरामद दानेदार सामग्री और अन्य पदार्थ वास्तव में क्या थे तथा उनकी गुणवत्ता क्या है।

मुकदमा दर्ज, परिसर सील और विवेचना शुरू—अब खुलेगा कथित नेटवर्क का पूरा राज

रामपुर रोड के इस परिसर में हुई कार्रवाई अब केवल बरामदगी तक सीमित नहीं रह गई है। FIR दर्ज हो चुकी है, परिसर सील किया जा चुका है और पुलिस ने विवेचना शुरू कर दी है। जांच में अब यह पता लगाया जाना बाकी है कि परिसर का संचालन कौन कर रहा था, सामग्री कहां से लाई जाती थी, कथित रूप से तैयार सामग्री की आपूर्ति किस माध्यम से होती थी और इस पूरी गतिविधि से कितने लोग जुड़े थे। पुलिस की जांच और प्रयोगशाला रिपोर्ट के बाद ही इस पूरे प्रकरण की वास्तविक तस्वीर और कथित उर्वरक नेटवर्क की गहराई सामने आएगी।