राष्ट्र संवाद टाइम्स : ajay verma :
रावण का पुतला बनाते समय पांच धमाके, पिलखुवा के कारीगर की मौत; दो बेटे और दो साथी कारीगर घायल
गाजियाबाद, हापुड़, पिलखुवा। लाजपत नगर में शनि चौक के पीछे स्थित सामुदायिक भवन के बड़े हॉल में सोमवार सुबह करीब 9:20 बजे रामलीला के लिए रावण का पुतला तैयार करते समय अचानक आग लग गई। इसके बाद पांच धमाके होने की सूचना है। हादसे में हापुड़ जिले के पिलखुवा स्थित रमपुरा निवासी 50 वर्षीय अनिल पुत्र जगदीश की मौत हो गई, जबकि उनके दो बेटे रिषभ (25) और रानू (22) तथा साथ काम कर रहे महेंद्र पुत्र रामासिंह (48) और राजू पुत्र दयाचंद (32) घायल हुए हैं। घटना के बाद पुलिस और अग्निशमन विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं।
पुस्तैनी काम से जुड़े थे अनिल
हादसे में जान गंवाने वाले अनिल लंबे समय से रावण के पुतले बनाने के काम से जुड़े थे। परिजनों के अनुसार पुतला निर्माण उनके परिवार का पुस्तैनी काम है। वर्तमान में वह साहिबाबाद में काम कर रहे थे। रामलीला के लिए पुतला तैयार करने के सिलसिले में वह अपने दोनों बेटों के साथ लाजपत नगर स्थित सामुदायिक भवन पहुंचे थे।
पिता की मौत, दोनों बेटे भी हादसे में घायल
अनिल के साथ उनके दोनों बेटे रिषभ और रानू भी पुतला निर्माण के काम में लगे थे। सोमवार सुबह आग लगने के बाद हुए हादसे में दोनों घायल हो गए। अनिल की पत्नी सीमा (46) गृहिणी हैं। परिवार में पांच बेटे हैं और सभी पढ़ाई कर रहे हैं। घटना के बाद परिवार में शोक का माहौल है।
दो साथी कारीगर भी आए चपेट में
पुतला निर्माण में अनिल के साथ पिलखुवा के रमपुरा निवासी महेंद्र पुत्र रामासिंह (48) और राजू पुत्र दयाचंद (32) भी काम कर रहे थे। दोनों भी हादसे में घायल हुए हैं। इस तरह घटना में कुल पांच लोग प्रभावित हुए, जिनमें एक की मौत और चार घायल हुए हैं।
सामुदायिक भवन के हॉल में हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार सामुदायिक भवन के बड़े हॉल में पिछले दो-तीन दिनों से रामलीला के लिए रावण का पुतला तैयार किया जा रहा था। सोमवार सुबह करीब 9:20 बजे काम के दौरान अचानक आग लग गई। इसके बाद पांच धमाके होने की सूचना है। घटना के दौरान भवन की दो दीवारें भी क्षतिग्रस्त होने की जानकारी है। सूचना मिलते ही पुलिस और अग्निशमन विभाग की टीमों ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई शुरू की।
पटाखों की दुकान में आग की सूचना पर भेजी गईं दमकल गाड़ियां
अग्निशमन विभाग को सुबह करीब 9:26 बजे पटाखों की दुकान में आग लगने की सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर साहिबाबाद फायर स्टेशन से तीन दमकल गाड़ियां मौके के लिए भेजी गईं। मौके पर पहुंचने पर आग सामुदायिक भवन के हॉल में लगी मिली। इसके बाद दमकल कर्मियों ने आग बुझाने की कार्रवाई की।
मौके पर मौजूद सामग्री जांच के दायरे में
हादसे के बाद सामुदायिक भवन के हॉल में मौजूद सामग्री की जांच की जा रही है। स्थानीय लोगों की ओर से कुछ सामग्री रखे होने की बात कही गई है, लेकिन इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। पुलिस और अग्निशमन विभाग की जांच में मौके पर मौजूद सामग्री, उसके उपयोग, रखरखाव और सुरक्षा व्यवस्था समेत अन्य पहलुओं को शामिल किया जा रहा है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है—जांच के आधार पर होगी कार्रवाई
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और अग्निशमन विभाग की टीमों ने मौके पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई की। आग लगने के कारणों, धमाकों की परिस्थितियों और मौके पर मौजूद सामग्री की जांच की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार जांच में यदि किसी प्रकार की अनधिकृत विस्फोटक या ज्वलनशील सामग्री रखे जाने अथवा निर्धारित नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो उपलब्ध साक्ष्यों और लागू कानूनी प्रावधानों के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल घटना के कारणों को लेकर जांच जारी है।
आग और धमाकों की वजह अभी स्पष्ट नहीं
फिलहाल आग लगने के वास्तविक कारण और उसके बाद हुए धमाकों की परिस्थितियां स्पष्ट नहीं हैं। जांच टीम यह पता लगाने में जुटी है कि आग की शुरुआत कैसे हुई और वहां मौजूद सामग्री का हादसे से कोई संबंध था या नहीं। किसी व्यक्ति या संस्था की जिम्मेदारी तय करने से पहले जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों का सामने आना आवश्यक है।
जांच के बाद सामने आएगी हादसे की पूरी तस्वीर
हादसे में पिलखुवा निवासी अनिल की मौत तथा उनके दो बेटों और दो साथी कारीगरों के घायल होने के बाद पुलिस और अग्निशमन विभाग घटना के विभिन्न पहलुओं की पड़ताल कर रहे हैं। भवन को हुए नुकसान, आग लगने के कारण, धमाकों की परिस्थितियों और सुरक्षा व्यवस्था की भी जांच की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार जांच में सामने आने वाले तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी।
