राष्ट्र संवाद टाइम्स : ajay verma :
प्रदर्शन से पहले पुलिस का एक्शन, सपा पदाधिकारी और कार्यकर्ता घरों में नजरबंद; बढ़ी सियासी हलचल
हापुड़। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रस्तावित प्रदर्शन में शामिल होने की तैयारी कर रहे समाजवादी पार्टी के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं पर पुलिस की निगरानी बढ़ने से जिले में सियासी हलचल तेज हो गई। सपा नेताओं के मुताबिक, कई पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को घर से बाहर निकलने से रोकते हुए उनके घरों पर पुलिस का पहरा लगा दिया गया। देर रात से शुरू हुई पुलिस की निगरानी के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं में खलबली मच गई।
दिल्ली प्रदर्शन से पहले पुलिस की निगरानी
सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव के निर्देश पर पार्टी के पदाधिकारी और कार्यकर्ता दिल्ली में प्रस्तावित प्रदर्शन में शामिल होने की तैयारी कर रहे थे। इसी बीच पुलिस ने प्रदर्शन में जाने वाले संभावित कार्यकर्ताओं की गतिविधियों पर नजर रखनी शुरू कर दी। सपा नेताओं का दावा है कि कई कार्यकर्ताओं को उनके घरों से बाहर नहीं निकलने दिया गया।
जिला उपाध्यक्ष अय्यूब सिद्दीकी भी घर पर नजरबंद
सपा जिला उपाध्यक्ष अय्यूब सिद्दीकी को भी घर पर नजरबंद किए जाने की बात सामने आई है। इसके अलावा कई दर्जन पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी पुलिस की निगरानी में होने का दावा किया गया है। पार्टी नेताओं के अनुसार, देर रात से ही संबंधित पदाधिकारियों के घरों के बाहर पुलिसकर्मियों की मौजूदगी बनी हुई है।
घर से बाहर निकलने की अनुमति नहीं देने का दावा
सपा कार्यकर्ताओं का कहना है कि उन्हें दिल्ली जाने के लिए घरों से निकलने की अनुमति नहीं दी जा रही है। पुलिस की मौजूदगी के चलते कार्यकर्ताओं की दिल्ली पहुंचने की तैयारियां प्रभावित हुई हैं। इस कार्रवाई को लेकर पार्टी के स्थानीय नेताओं ने सवाल उठाए हैं और इसे प्रदर्शन से पहले की गई कार्रवाई बताया है।
हापुड़ में पहले भी सामने आ चुका है विरोध प्रदर्शन
मुख्य चुनाव आयुक्त के विरोध में हापुड़ में सपा कार्यकर्ता पहले भी प्रदर्शन कर चुके हैं। हालिया प्रदर्शन में सपा कार्यकर्ताओं ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विरोध जताया था। ऐसे में प्रस्तावित दिल्ली प्रदर्शन से पहले स्थानीय स्तर पर पुलिस की सक्रियता बढ़ने से राजनीतिक गतिविधियां और तेज हो गई हैं।
पुलिस की कार्रवाई पर आधिकारिक स्थिति का इंतजार
सपा नेताओं की ओर से हाउस अरेस्ट और पुलिस पहरे का दावा किया गया है। हालांकि, इन दावों पर पुलिस की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है। पुलिस की ओर से यदि कार्रवाई का कारण या संबंधित निर्देश स्पष्ट किए जाते हैं तो तस्वीर और साफ होगी। फिलहाल सपा पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की गतिविधियों पर नजर बनाए जाने की बात से जिले का राजनीतिक माहौल गरमाया हुआ है।
