राष्ट्र संवाद टाइम्स : ajay verma :
दुकान से नकदी और स्प्लेंडर बाइक चोरी के मामले में एफआईआर दर्ज, सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जांच तेज
20 हजार रुपये की नकदी और बाइक चोरी होने का आरोप, पीड़ित की तहरीर पर मुकदमा दर्ज
हापुड़। बहादुरगढ़ थाना क्षेत्र के गांव भदस्याना में स्थित एक दुकान से नकदी और मोटरसाइकिल चोरी होने के मामले में पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शिकायतकर्ता द्वारा उपलब्ध कराए गए सीसीटीवी फुटेज समेत अन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस मामले की गहन विवेचना में जुटी हुई है।
सुबह दुकान पहुंचने पर सामने आई चोरी की वारदात दर्ज रिपोर्ट के अनुसार, गांव भदस्याना निवासी अंकुर शर्मा पुत्र सतीश कुमार शर्मा 25 सितंबर 2026 की सुबह करीब 6:30 बजे अपनी दुकान पर पहुंचे थे। आरोप है कि दुकान में रखी लगभग 20 हजार रुपये की नकदी और उनकी स्प्लेंडर मोटरसाइकिल संख्या DL5SAY0746 गायब मिली।
घटना की जानकारी होने पर उन्होंने तत्काल पुलिस को सूचना दी।तीन लोगों को नामजद करते हुए चोरी में संलिप्तता का आरोप शिकायतकर्ता ने अपनी तहरीर में गांव मुंडलाना निवासी दीपक पुत्र बृजपाल, जुनैद जाटव पुत्र रहतवान जाटव और छोटे सन्नी समेत अन्य व्यक्तियों को नामजद किया है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि उक्त लोगों ने मिलकर चोरी की वारदात को अंजाम दिया। तहरीर में यह भी उल्लेख किया गया है कि नामजद व्यक्तियों में से एक पूर्व में उसकी दुकान पर कार्य कर चुका है।
सीसीटीवी कैमरों में कैद हुई घटना, फुटेज पुलिस के कब्जे में रिपोर्ट के अनुसार, दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज में कुछ व्यक्ति दुकान में प्रवेश करते और मोटरसाइकिल ले जाते हुए दिखाई दे रहे हैं। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण कर सीसीटीवी फुटेज सहित अन्य साक्ष्यों को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी।
विवेचना के आधार पर होगी आगे की कार्रवाई : थाना प्रभारी थाना प्रभारी निरीक्षक बहादुरगढ़ ने बताया कि पीड़ित की तहरीर के आधार पर संबंधित धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। मामले में उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों का परीक्षण किया जा रहा है। विवेचना के दौरान जो भी तथ्य प्रकाश में आएंगे, उनके आधार पर नियमानुसार आवश्यक वैधानिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
आरोपों की पुष्टि जांच के बाद होगी पुलिस का कहना है कि मामले की निष्पक्ष एवं तथ्यपरक जांच की जा रही है। समाचार में उल्लिखित आरोप शिकायतकर्ता द्वारा दर्ज कराई गई रिपोर्ट पर आधारित हैं। आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच एवं न्यायिक प्रक्रिया के उपरांत ही होगी।
