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महायज्ञ की तैयारियों ने पकड़ी रफ्तार, पांच अक्टूबर से पदयात्रा के जरिए चलेगा व्यापक जनसंपर्क अभियान

हापुड़ पिलखुवा, जनपद हापुड़: पिलखुवा नेशनल हाईवे एलिवेटेड पुल के नीचे स्थित जशन बैंक्विट हॉल में सात फरवरी 2027 से प्रस्तावित महायज्ञ को लेकर धर्मचर्चा का आयोजन हुआ। शिवशक्ति धाम डासना के पीठाधीश्वर एवं जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी के पहुंचने पर स्थानीय लोगों और आयोजन से जुड़े लोगों ने महायज्ञ की तैयारियों, उद्देश्य और जनसहभागिता को लेकर विस्तार से विचार-विमर्श किया।

धर्मचर्चा में आयोजन को व्यापक स्वरूप देने के साथ ही समाज के अधिक से अधिक लोगों को इससे जोड़ने पर जोर दिया गया। इसी क्रम में पांच अक्टूबर से पदयात्रा शुरू करने की जानकारी दी गई, जो विभिन्न स्थानों पर पहुंचकर लोगों से संपर्क और जनसहयोग जुटाने का माध्यम बनेगी।पांच अक्टूबर से पदयात्रा के जरिए होगा व्यापक जनसंपर्क प्रस्तावित महायज्ञ के लिए जनसहयोग जुटाने की प्रक्रिया को गति देने के उद्देश्य से पांच अक्टूबर से पदयात्रा शुरू की जाएगी।

पदयात्रा के दौरान विभिन्न स्थानों और क्षेत्रों में पहुंचकर लोगों से सीधा संपर्क स्थापित किया जाएगा। इस दौरान उन्हें सात फरवरी 2027 से प्रस्तावित महायज्ञ के संबंध में जानकारी देने के साथ आयोजन के उद्देश्य और तैयारियों से अवगत कराया जाएगा। आयोजकों का प्रयास रहेगा कि जनसंपर्क अभियान के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों को महायज्ञ से जोड़ा जाए और उन्हें आयोजन में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए प्रेरित किया जाए।

पदयात्रा के माध्यम से स्थानीय स्तर पर संवाद स्थापित करने के साथ जनसहयोग जुटाने की प्रक्रिया को भी व्यापक रूप देने की योजना है।धर्मचर्चा में तैयारियों को लेकर विस्तार से हुआ मंथनजशन बैंक्विट हॉल में आयोजित धर्मचर्चा के दौरान महायज्ञ की तैयारियों से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। आयोजन को व्यवस्थित और प्रभावी तरीके से आगे बढ़ाने के लिए जनसंपर्क, लोगों की सहभागिता और आवश्यक तैयारियों को लेकर विचार-विमर्श हुआ। इस दौरान यह भी चर्चा की गई कि महायज्ञ की जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने के लिए स्थानीय स्तर पर संपर्क अभियान को लगातार मजबूत किया जाए।

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मौजूद लोगों ने आयोजन से जुड़े कार्यों में सहयोग देने और अपने स्तर से अन्य लोगों को भी इससे जोड़ने को लेकर अपने विचार रखे।जनसहयोग को आयोजन की सफलता की अहम कड़ी बताया महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी ने महायज्ञ के लिए जनसहयोग जुटाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि प्रस्तावित धार्मिक आयोजन में अपनी क्षमता के अनुसार सहयोग करें और आसपास के लोगों को भी इसके बारे में जानकारी दें।

उन्होंने कहा कि किसी भी बड़े आयोजन को व्यापक स्वरूप देने में समाज की सहभागिता महत्वपूर्ण होती है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए पदयात्रा के माध्यम से विभिन्न स्थानों पर पहुंचकर लोगों से संवाद किया जाएगा और उन्हें महायज्ञ की तैयारियों तथा आयोजन से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी।पदयात्रा के दौरान लोगों से सीधे संवाद पर रहेगा जोर पांच अक्टूबर से शुरू होने वाली पदयात्रा के दौरान केवल जनसहयोग जुटाने तक ही अभियान को सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि लोगों के साथ सीधा संवाद स्थापित करने पर भी जोर रहेगा।

विभिन्न क्षेत्रों में पहुंचकर लोगों को महायज्ञ के बारे में बताया जाएगा और आयोजन से संबंधित जानकारी साझा की जाएगी। इसके साथ ही स्थानीय लोगों से सुझाव और सहयोग लेने का प्रयास किया जाएगा। आयोजन से जुड़े लोगों का मानना है कि लगातार जनसंपर्क के माध्यम से महायज्ञ को लेकर लोगों की भागीदारी बढ़ाई जा सकती है और तैयारियों को जमीनी स्तर पर मजबूत किया जा सकता है।महायज्ञ को लेकर अभी से तेज हुईं गतिविधियां सात फरवरी 2027 से प्रस्तावित महायज्ञ को लेकर अभी से गतिविधियां तेज होना शुरू हो गई हैं।

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धर्म चर्चा के माध्यम से आयोजन की तैयारियों को लेकर प्रारंभिक स्तर पर चर्चा की गई, वहीं अब पदयात्रा के जरिए जनसंपर्क अभियान को आगे बढ़ाने की तैयारी है। अलग-अलग स्थानों पर लोगों तक पहुंचने के साथ आयोजन की जानकारी साझा करने और सहयोग जुटाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। आयोजकों की ओर से महायज्ञ से जुड़े कार्यों को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।

स्थानीय स्तर पर सहभागिता बढ़ाने की कवायद धर्म चर्चा में इस बात पर भी जोर दिया गया कि महायज्ञ की तैयारियों में स्थानीय लोगों की भागीदारी को बढ़ाया जाए। इसके लिए लोगों से व्यक्तिगत संपर्क करने, उन्हें आयोजन की जानकारी देने और सहयोग के लिए आमंत्रित करने की योजना बनाई गई है। पदयात्रा को इसी जनसंपर्क प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है।

आयोजकों की ओर से उम्मीद जताई गई कि लगातार संपर्क अभियान चलने से अधिक संख्या में लोग आयोजन से जुड़ेंगे और महायज्ञ की तैयारियों को आवश्यक सहयोग मिल सकेगा।धर्मचर्चा में यह लोग रहे मौजूद जशन बैंक्विट हॉल में हुई धर्मचर्चा के दौरान रवि शर्मा, पंकज मित्तल, महेश तोमर, संजय बंसल अकेला, रविंद्र शर्मा, मनोज मित्तल, पवन तोमर और महेश सैनी समेत अन्य लोग मौजूद रहे।

इस दौरान सभी ने प्रस्तावित महायज्ञ को लेकर चर्चा में भाग लिया और आयोजन की तैयारियों को आगे बढ़ाने में सहयोग की बात कही। बैठक में मौजूद लोगों ने जनसंपर्क अभियान को प्रभावी बनाने तथा अधिक से अधिक लोगों तक महायज्ञ की जानकारी पहुंचाने पर भी जोर दिया।