राष्ट्र संवाद टाइम्स : ajay verma :

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भक्ति प्रसंगों ने बांधा समां, श्रीमद्भागवत कथा में भावविभोर हुए श्रद्धालु

पिलखुवा, जनपद हापुड़। रजनी विहार कॉलोनी में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन श्रद्धा और भक्ति का माहौल देखने को मिला। कथा व्यास पं. जयप्रकाश शास्त्री ने भगवान की भक्ति, तपस्या और समर्पण से जुड़े विभिन्न प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन किया। प्रहलाद की अटूट भक्ति, ध्रुव की कठोर तपस्या और राजा बली के समर्पण का प्रसंग सुनकर कथा पंडाल में मौजूद श्रद्धालु भाव-विभोर हो गए। भजनों और भगवान के जयकारों के बीच पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा।

कथा के दौरान श्रद्धालुओं ने शांत भाव से बैठकर आध्यात्मिक प्रसंगों का आनंद लिया।विपरीत परिस्थितियों में भी नहीं डिगी प्रहलाद की आस्थाकथा वाचक पं. जयप्रकाश शास्त्री ने प्रहलाद चरित्र का वर्णन करते हुए कहा कि सच्ची भक्ति परिस्थितियों की मोहताज नहीं होती। प्रहलाद ने कठिन परिस्थितियों का सामना करने के बावजूद भगवान के प्रति अपनी आस्था को कमजोर नहीं पड़ने दिया। उन्होंने श्रद्धालुओं से कहा कि जीवन में उतार-चढ़ाव आते रहते हैं, लेकिन मनुष्य को ऐसे समय में धैर्य रखते हुए अपने विश्वास और अच्छे मार्ग पर कायम रहना चाहिए।

प्रहलाद के प्रसंग ने श्रद्धालुओं को भक्ति और विश्वास की शक्ति का संदेश दिया। उनके चरित्र से विपरीत समय में भी धैर्य बनाए रखने की प्रेरणा मिलती है।ध्रुव की तपस्या ने दिया संकल्प पर अडिग रहने का संदेश इसके बाद ध्रुव की तपस्या का प्रसंग सुनाया गया। कथा वाचक ने बताया कि ध्रुव ने कम आयु में ही दृढ़ संकल्प के साथ भगवान की आराधना की और अपनी साधना से यह संदेश दिया कि लक्ष्य के प्रति निष्ठा और समर्पण रखने वाला व्यक्ति कठिनाइयों के बावजूद आगे बढ़ सकता है।

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ध्रुव के तप और भक्ति का प्रसंग सुनते हुए श्रद्धालु कथा में पूरी तरह तल्लीन दिखाई दिए। कथा स्थल पर मौजूद लोगों ने इस प्रसंग को जीवन में प्रेरणा देने वाला बताया।राजा बली के समर्पण ने समझाया भक्ति का वास्तविक भावकथा में राजा बली के प्रसंग का भी विस्तार से वर्णन किया गया। कथा वाचक ने कहा कि भगवान के प्रति समर्पण केवल पूजा-अर्चना तक सीमित नहीं है, बल्कि अहंकार और स्वार्थ का त्याग कर स्वयं को ईश्वर के चरणों में समर्पित करना भी भक्ति का महत्वपूर्ण स्वरूप है।

राजा बली के प्रसंग के माध्यम से श्रद्धालुओं को त्याग, विश्वास और समर्पण का संदेश दिया गया। प्रसंग के दौरान कथा पंडाल में श्रद्धालुओं के बीच विशेष आध्यात्मिक भाव दिखाई दिया।भजनों पर झूमे श्रद्धालु, जयकारों से गूंजा कथा पंडाल कथा के दौरान भक्ति गीतों और भजनों की प्रस्तुति ने माहौल को और आध्यात्मिक बना दिया। बड़ी संख्या में श्रद्धालु कथा पंडाल में मौजूद रहे और भजनों के बीच भगवान के जयकारे लगाए।

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रजनी विहार कॉलोनी में आयोजित धार्मिक कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं में कथा को लेकर विशेष उत्साह नजर आया। महिलाएं और पुरुष काफी देर तक कथा का श्रवण करते रहे। भक्ति गीतों के बीच श्रद्धालुओं ने तालियां बजाकर अपनी श्रद्धा और उत्साह व्यक्त किया।

आयोजन व्यवस्था में जुटे रहे आयोजक और श्रद्धालुकथा आयोजन की व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी पं. नरेश बृजवासी ने संभाली। मुख्य यजमान देवेंद्र सिंह, मोहित सिसोदिया, सुनील कुमार, रामभूल राघव, मनोज तोमर, संदीप तोमर, अनिल कुमार, मंजू सिंह, मोहिनी और कांति सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। कथा के दौरान श्रद्धालुओं ने धार्मिक प्रसंगों का श्रवण कर आध्यात्मिक संदेश ग्रहण किया। आयोजन स्थल पर पूरे समय श्रद्धा और भक्ति का वातावरण बना रहा। आयोजकों की ओर से श्रद्धालुओं के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं भी सुचारु रूप से संभाली गईं।