राष्ट्र संवाद टाइम्स : ajay verma :
UPPCS-2025 अभ्यर्थियों की ‘फुल ड्रेस रिहर्सल’, मॉक इंटरव्यू में परखी प्रशासनिक सोच और आत्मविश्वास
हापुड़। यूपीपीसीएस-2025 की मुख्य परीक्षा में सफलता हासिल करने वाले अभ्यर्थियों के लिए अब साक्षात्कार की तैयारी को अंतिम धार देने की कवायद तेज हो गई है। इसी क्रम में राजकीय आईएएस/पीसीएस कोचिंग केन्द्र, निजामपुर, हापुड़ में गुरुवार को सफल अभ्यर्थियों के लिए विशेष मॉक इंटरव्यू आयोजित किया गया।
विशेषज्ञों के पैनल ने अभ्यर्थियों को वास्तविक साक्षात्कार जैसा माहौल देकर उनके आत्मविश्वास, व्यक्तित्व, अभिव्यक्ति कौशल, समसामयिक विषयों की समझ और प्रशासनिक दृष्टिकोण को परखा।वास्तविक इंटरव्यू जैसा माहौल, सवालों से परखी तैयारीमॉक इंटरव्यू के दौरान विशेषज्ञों ने अभ्यर्थियों से उनके शैक्षिक एवं व्यक्तिगत परिचय, अभिरुचियों, समसामयिक घटनाक्रम, उत्तर प्रदेश से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों और विभिन्न प्रशासनिक परिस्थितियों पर सवाल किए।
केवल जवाब की जानकारी ही नहीं, बल्कि अभ्यर्थी कठिन या अप्रत्याशित सवालों के सामने किस तरह सोचते हैं और कितनी स्पष्टता व संयम के साथ अपनी बात रखते हैं, इस पर भी विशेष ध्यान दिया गया।विशेषज्ञ पैनल ने ली इंटरव्यू की ‘फुल ड्रेस रिहर्सल’मॉक इंटरव्यू पैनल में केन्द्र प्रभारी मो. मुश्ताक अहमद, सेवानिवृत्त मुख्य चिकित्सा अधिकारी श्याम सिंह, असिस्टेंट प्रोफेसर सुश्री एकता चौहान, भूतपूर्व लोक सेवा आयोग सदस्य किशन शाक्य एवं जिला चिकित्सालय हापुड़ के मनोचिकित्सक डॉ. अंशु सौम शामिल रहे।
विशेषज्ञों ने अभ्यर्थियों के सामने अलग-अलग प्रशासनिक परिस्थितियां रखकर उनकी निर्णय लेने की क्षमता, तार्किक सोच, संवाद कौशल और परिस्थितियों के अनुरूप दृष्टिकोण को परखने का प्रयास किया। सवाल-जवाब का पूरा प्रारूप वास्तविक साक्षात्कार के अनुरूप रखा गया, जिससे अभ्यर्थियों को इंटरव्यू का व्यावहारिक अनुभव मिल सके।
किताबी ज्ञान से आगे प्रशासनिक सोच पर जोरविशेषज्ञों ने अभ्यर्थियों को बताया कि साक्षात्कार के अंतिम चरण में केवल किताबी ज्ञान ही पर्याप्त नहीं होता। एक अधिकारी के रूप में संतुलित व्यक्तित्व, आत्मविश्वास, स्पष्ट अभिव्यक्ति, तथ्यपरक जवाब, निर्णय क्षमता और प्रशासनिक दृष्टिकोण भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।अभ्यर्थियों को सलाह दी गई कि किसी भी सवाल का जवाब देने से पहले उसे ध्यानपूर्वक समझें और जल्दबाजी से बचते हुए अपनी बात स्पष्ट एवं संयमित तरीके से रखें।
साथ ही समसामयिक घटनाओं और उत्तर प्रदेश से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों की निरंतर जानकारी रखने पर भी जोर दिया गया।मॉक इंटरव्यू ने दिखाई तैयारी की कमियां कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण पहलू यह रहा कि अभ्यर्थियों को अपने प्रदर्शन का तत्काल फीडबैक मिला। विशेषज्ञों ने प्रत्येक अभ्यर्थी की जवाब देने की शैली, आत्मविश्वास, विषय की समझ और प्रस्तुति का आकलन करते हुए जरूरी सुझाव दिए।
इससे अभ्यर्थियों को यह समझने का अवसर मिला कि वास्तविक साक्षात्कार से पहले उन्हें किन क्षेत्रों में सुधार की आवश्यकता है। विशेषज्ञों ने कमजोर पक्षों पर काम करने और मजबूत पक्षों को और प्रभावी बनाने के लिए व्यावहारिक सुझाव दिए।अंतिम पड़ाव से पहले तैयारी को मिली नई धारमॉक इंटरव्यू के माध्यम से अभ्यर्थियों को न केवल वास्तविक साक्षात्कार के माहौल से परिचित कराया गया, बल्कि कठिन सवालों का सामना करने, दबाव में संतुलित रहने और प्रशासनिक परिस्थितियों पर तार्किक एवं व्यावहारिक दृष्टिकोण प्रस्तुत करने का अभ्यास भी कराया गया।
राजकीय आईएएस/पीसीएस कोचिंग केन्द्र, निजामपुर की ओर से आयोजित यह पहल UPPCS-2025 मुख्य परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों को साक्षात्कार के अंतिम चरण के लिए तैयार करने पर केंद्रित रही। कार्यक्रम का उद्देश्य अभ्यर्थियों की कमियों को सामने लाकर उन्हें सुधारने का अवसर देना और वास्तविक साक्षात्कार से पहले उनके आत्मविश्वास एवं प्रस्तुति कौशल को मजबूत करना रहा।अनुज कुमार जिला समाज कल्याण अधिकारी राजकीय आईएएस/पीसीएस कोचिंग केन्द्र, निजामपुर, हापुड़
