राष्ट्र संवाद टाइम्स : ajay verma :
भूमि पूजन के साथ गढ़मुक्तेश्वर की रामलीला का हुआ श्रीगणेश, 6 अक्टूबर से गूंजेगा प्रभु श्रीराम के आदर्शों का संदेश
10 अक्टूबर को निकलेगी भव्य राम बारात, रामलीला को लेकर कमेटी ने तेज की तैयारियां गढ़मुक्तेश्वर। धर्म, आस्था और भारतीय संस्कृति की जीवंत परंपरा को आगे बढ़ाने वाली गढ़मुक्तेश्वर की ऐतिहासिक रामलीला को लेकर तैयारियां अब तेज हो गई हैं। आगामी रामलीला आयोजन को भव्य और आकर्षक बनाने के लिए रामलीला कमेटी ने तैयारियों का श्रीगणेश कर दिया है। इसी क्रम में विधि-विधान, वैदिक मंत्रोच्चारण और धार्मिक अनुष्ठानों के बीच भूमि पूजन कार्यक्रम आयोजित किया गया।
भूमि पूजन के साथ ही रामलीला के मंचन और उससे जुड़ी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।विधि-विधान से हुआ भूमि पूजनरामलीला आयोजन के लिए आयोजित भूमि पूजन में रामलीला कमेटी के अध्यक्ष रूपेश पंडित और पिंकी त्यागी ने विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की। पंडित सुरेंद्र तिवारी और विनोद शास्त्री ने वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराया।
प्राचीन शिव मंदिर के महंत बारहगिरी की मौजूदगी ने कार्यक्रम को धार्मिक गरिमा प्रदान की। इस दौरान आयोजन के सफल, निर्विघ्न और भव्य होने की कामना की गई।रामलीला को लेकर उत्साह का माहौलभूमि पूजन के साथ ही क्षेत्र में रामलीला को लेकर उत्साह का माहौल बनने लगा है। हर वर्ष रामलीला के विभिन्न प्रसंगों को देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु और दर्शक पहुंचते हैं। इस बार भी कमेटी द्वारा आयोजन को आकर्षक बनाने के लिए व्यापक स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं।
मंच, प्रकाश व्यवस्था, दर्शकों की सुविधा और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को लेकर पदाधिकारी लगातार तैयारियों में जुटे हैं।6 अक्टूबर से होगा रामलीला का शुभारंभ रामलीला कमेटी के अध्यक्ष रूपेश पंडित ने बताया कि इस वर्ष रामलीला का शुभारंभ 6 अक्टूबर से होगा। रामलीला के दौरान भगवान श्रीराम के जीवन से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण प्रसंगों का मंचन किया जाएगा। मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के जीवन, उनके आदर्शों, त्याग, सत्य और धर्म के प्रति समर्पण को मंच के माध्यम से दर्शकों तक पहुंचाया जाएगा।
10 अक्टूबर को निकलेगी भव्य राम बारात रामलीला आयोजन का प्रमुख आकर्षण 10 अक्टूबर को निकलने वाली भव्य राम बारात होगी। राम बारात को लेकर भी तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। धार्मिक स्वरूप और पारंपरिक उत्साह के साथ निकलने वाली राम बारात में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की उम्मीद है। इसके बाद रामलीला के विभिन्न प्रसंगों का मंचन किया जाएगा।रामलीला के जरिए दिया जाएगा मर्यादा और सत्य का संदेश कमेटी पदाधिकारियों ने बताया कि रामलीला केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि समाज तक भगवान श्रीराम के आदर्शों और जीवन मूल्यों को पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम है।
मंचन के जरिए मर्यादा, सत्य, धर्म, त्याग और कर्तव्य का संदेश लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। आयोजकों का कहना है कि रामलीला की परंपरा नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति और धार्मिक विरासत से जोड़ने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा पर रहेगा विशेष जोरआयोजन के दौरान श्रद्धालुओं और दर्शकों की सुविधा को लेकर भी विशेष तैयारियां की जा रही हैं।
कमेटी से जुड़े पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने भूमि पूजन के बाद आयोजन स्थल की व्यवस्थाओं पर चर्चा की। भीड़ को देखते हुए प्रवेश, बैठने, प्रकाश और अन्य आवश्यक सुविधाओं को बेहतर बनाने पर जोर दिया जा रहा है, ताकि रामलीला देखने आने वाले लोगों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।विधायक हरेंद्र तेवतिया भी रहे मौजूद भूमि पूजन कार्यक्रम में क्षेत्रीय विधायक हरेंद्र तेवतिया भी उपस्थित रहे। उन्होंने आयोजन से जुड़े लोगों से तैयारियों की जानकारी ली और रामलीला के सफल आयोजन की शुभकामनाएं दीं।
कार्यक्रम में धार्मिक एवं सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोगों की मौजूदगी रही।कमेटी पदाधिकारी और कार्यकर्ता जुटे तैयारियों में कार्यक्रम के दौरान विष्णु नागर, नितिन जैन, अमित गौतम, मदनपाल सिंह, रुचिर गुप्ता, लोकेश गर्ग, करण, दिनेश त्यागी, राहुल, टींकू शर्मा, हरीश और पुरुषोत्तम सहित रामलीला कमेटी से जुड़े पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी ने आयोजन को भव्य और व्यवस्थित बनाने के लिए मिलकर तैयारियां करने का संकल्प लिया।
भूमि पूजन के साथ शुरू हुआ रामलीला का इंतजार भूमि पूजन के साथ ही अब श्रद्धालुओं को 6 अक्टूबर का इंतजार है, जब गढ़मुक्तेश्वर की धरती पर रामलीला के मंच से भगवान श्रीराम के जीवन और आदर्शों की कथा जीवंत होगी। आयोजन को लेकर कमेटी की सक्रियता और तैयारियों से साफ है कि इस बार भी रामलीला धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामाजिक और सांस्कृतिक संदेश का बड़ा मंच बनने जा रही है।
