पिलखुवा (हापुड़)। आयुर्वेद की प्राचीन चिकित्सा परंपरा, वैज्ञानिक महत्व और स्वस्थ जीवनशैली के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से जीएस आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल में आयोजित 11वें आयुर्वेद दिवस समारोह का भव्य समापन हुआ। कई दिनों तक चले समारोह में राष्ट्रीय सेमिनार, शैक्षणिक प्रतियोगिताओं, सांस्कृतिक कार्यक्रमों, स्वास्थ्य शिविर, जागरूकता रैली और औषधीय पौधों के वितरण सहित विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। समापन अवसर पर धन्वंतरि पूजन और वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच भारतीय चिकित्सा परंपरा की समृद्ध विरासत और आधुनिक वैज्ञानिक दृष्टिकोण के समन्वय का संदेश दिया गया।

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स्वस्थ भविष्य के संकल्प के साथ हुआ समारोह का शुभारंभ

“स्वस्थ भविष्य के लिए आयुर्वेद” थीम पर आयोजित समारोह की शुरुआत 11 सितंबर को कॉलेज की प्रबंध निदेशक श्रीमती सोनाली शर्मा, प्रधानाचार्या डॉ. भावना सिंह, उप-प्रधानाचार्या डॉ. जीना पटनायक, एमएस डॉ. प्रवीण गोयल और समन्वयक डॉ. किरण तंवर की उपस्थिति में हुई थी। आयोजन के दौरान आयुर्वेद के वैज्ञानिक महत्व, चिकित्सकीय उपयोगिता और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया। संस्थान की ओर से विद्यार्थियों और आमजन को आयुर्वेद की ज्ञान परंपरा से जोड़ने के लिए विभिन्न गतिविधियां आयोजित की गईं।

राष्ट्रीय सेमिनार में आयुर्वेद के वैज्ञानिक पक्ष पर विशेषज्ञों ने साझा किए विचार

समारोह का प्रमुख आकर्षण एक दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार रहा, जिसमें देश के विभिन्न हिस्सों से पहुंचे विषय विशेषज्ञों और शोधार्थियों ने प्रतिभाग किया। सेमिनार के दौरान आयुर्वेद में वैज्ञानिक अनुसंधान, वर्तमान समय में इसकी प्रासंगिकता और चिकित्सा क्षेत्र में इसके उपयोग पर विचार-विमर्श किया गया। विशेषज्ञों ने आयुर्वेद के पारंपरिक ज्ञान को आधुनिक वैज्ञानिक दृष्टिकोण और अनुसंधान के साथ आगे बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया।

शैक्षणिक प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने दिखाई प्रतिभा

आयुर्वेद दिवस समारोह के अंतर्गत विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को ध्यान में रखते हुए विभिन्न शैक्षणिक, रचनात्मक और सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। निबंध लेखन, वाद-विवाद, पोस्टर मेकिंग, क्विज, खेलकूद और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। इन गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा, रचनात्मक क्षमता, संवाद कौशल और टीम भावना का प्रदर्शन करने का अवसर मिला।

नुक्कड़ नाटक और जागरूकता रैली के माध्यम से स्वास्थ्य संदेश

समारोह के दौरान संस्थान की ओर से नुक्कड़ नाटक, जागरूकता रैली और स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया गया। इनके माध्यम से लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने, स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने और आयुर्वेद की उपयोगिता को समझने का संदेश दिया गया। इसके अतिरिक्त औषधीय पौधों का वितरण कर लोगों को प्राकृतिक संसाधनों और पारंपरिक औषधीय ज्ञान के महत्व से परिचित कराने का प्रयास किया गया।

धन्वंतरि पूजन और वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच हुआ भव्य समापन

समारोह के अंतिम दिन जीएस आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल परिसर में वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच भगवान धन्वंतरि का विधिविधान से पूजन किया गया। इसके उपरांत धन्वंतरि होम (हवन) का आयोजन हुआ, जिसमें सभी के उत्तम स्वास्थ्य, आरोग्य और मंगल की कामना की गई। वैदिक मंत्रों और धार्मिक अनुष्ठानों के बीच संपन्न हुए कार्यक्रम ने आयुर्वेद की भारतीय चिकित्सा परंपरा से जुड़े आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पक्ष को भी सामने रखा।

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शिक्षा, अनुसंधान और जनसेवा को आगे बढ़ाने का संकल्प

समापन अवसर पर कॉलेज के शिक्षक, विद्यार्थी और कर्मचारी मौजूद रहे। समारोह के दौरान शैक्षणिक गतिविधियों से लेकर जनजागरूकता कार्यक्रमों तक आयुर्वेद के विभिन्न आयामों को प्रस्तुत किया गया। संस्थान की ओर से आयुर्वेद के ज्ञान, शिक्षा और अनुसंधान को आधुनिक दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ाने के संकल्प को दोहराया गया। आयोजन ने विद्यार्थियों को चिकित्सा शिक्षा के साथ सामाजिक स्वास्थ्य जागरूकता से जोड़ने का अवसर भी प्रदान किया।

पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक विज्ञान के समन्वय पर रहा जोर

जीएस आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज में आयोजित 11वें आयुर्वेद दिवस समारोह के माध्यम से आयुर्वेद की प्राचीन ज्ञान परंपरा, वैज्ञानिक अनुसंधान और स्वस्थ जीवनशैली के महत्व को रेखांकित किया गया। राष्ट्रीय सेमिनार, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और जनजागरूकता गतिविधियों के बाद धन्वंतरि पूजन एवं हवन के साथ संपन्न हुआ समारोह आयुर्वेद के ज्ञान और स्वास्थ्य सेवा के प्रति संस्थान की प्रतिबद्धता का संदेश लेकर आया।

राष्ट्र संवाद टाइम्स : ajay verma :

धन्वंतरि पूजन और वैदिक मंत्रोच्चारण से गूंजा जीएस आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज, 11वें आयुर्वेद दिवस समारोह का भव्य समापन

पिलखुवा (हापुड़)। आयुर्वेद की प्राचीन चिकित्सा परंपरा, वैज्ञानिक महत्व और स्वस्थ जीवनशैली के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से जीएस आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल में आयोजित 11वें आयुर्वेद दिवस समारोह का भव्य समापन हुआ। कई दिनों तक चले समारोह में राष्ट्रीय सेमिनार, शैक्षणिक प्रतियोगिताओं, सांस्कृतिक कार्यक्रमों, स्वास्थ्य शिविर, जागरूकता रैली और औषधीय पौधों के वितरण सहित विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। समापन अवसर पर धन्वंतरि पूजन और वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच भारतीय चिकित्सा परंपरा की समृद्ध विरासत और आधुनिक वैज्ञानिक दृष्टिकोण के समन्वय का संदेश दिया गया।

स्वस्थ भविष्य के संकल्प के साथ हुआ समारोह का शुभारंभ

“स्वस्थ भविष्य के लिए आयुर्वेद” थीम पर आयोजित समारोह की शुरुआत 11 सितंबर को कॉलेज की प्रबंध निदेशक श्रीमती सोनाली शर्मा, प्रधानाचार्या डॉ. भावना सिंह, उप-प्रधानाचार्या डॉ. जीना पटनायक, एमएस डॉ. प्रवीण गोयल और समन्वयक डॉ. किरण तंवर की उपस्थिति में हुई थी। आयोजन के दौरान आयुर्वेद के वैज्ञानिक महत्व, चिकित्सकीय उपयोगिता और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया। संस्थान की ओर से विद्यार्थियों और आमजन को आयुर्वेद की ज्ञान परंपरा से जोड़ने के लिए विभिन्न गतिविधियां आयोजित की गईं।

राष्ट्रीय सेमिनार में आयुर्वेद के वैज्ञानिक पक्ष पर विशेषज्ञों ने साझा किए विचार

समारोह का प्रमुख आकर्षण एक दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार रहा, जिसमें देश के विभिन्न हिस्सों से पहुंचे विषय विशेषज्ञों और शोधार्थियों ने प्रतिभाग किया। सेमिनार के दौरान आयुर्वेद में वैज्ञानिक अनुसंधान, वर्तमान समय में इसकी प्रासंगिकता और चिकित्सा क्षेत्र में इसके उपयोग पर विचार-विमर्श किया गया। विशेषज्ञों ने आयुर्वेद के पारंपरिक ज्ञान को आधुनिक वैज्ञानिक दृष्टिकोण और अनुसंधान के साथ आगे बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया।

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शैक्षणिक प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने दिखाई प्रतिभा

आयुर्वेद दिवस समारोह के अंतर्गत विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को ध्यान में रखते हुए विभिन्न शैक्षणिक, रचनात्मक और सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। निबंध लेखन, वाद-विवाद, पोस्टर मेकिंग, क्विज, खेलकूद और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। इन गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा, रचनात्मक क्षमता, संवाद कौशल और टीम भावना का प्रदर्शन करने का अवसर मिला।

नुक्कड़ नाटक और जागरूकता रैली के माध्यम से स्वास्थ्य संदेश

समारोह के दौरान संस्थान की ओर से नुक्कड़ नाटक, जागरूकता रैली और स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया गया। इनके माध्यम से लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने, स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने और आयुर्वेद की उपयोगिता को समझने का संदेश दिया गया। इसके अतिरिक्त औषधीय पौधों का वितरण कर लोगों को प्राकृतिक संसाधनों और पारंपरिक औषधीय ज्ञान के महत्व से परिचित कराने का प्रयास किया गया।

धन्वंतरि पूजन और वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच हुआ भव्य समापन

समारोह के अंतिम दिन जीएस आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल परिसर में वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच भगवान धन्वंतरि का विधिविधान से पूजन किया गया। इसके उपरांत धन्वंतरि होम (हवन) का आयोजन हुआ, जिसमें सभी के उत्तम स्वास्थ्य, आरोग्य और मंगल की कामना की गई। वैदिक मंत्रों और धार्मिक अनुष्ठानों के बीच संपन्न हुए कार्यक्रम ने आयुर्वेद की भारतीय चिकित्सा परंपरा से जुड़े आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पक्ष को भी सामने रखा।

शिक्षा, अनुसंधान और जनसेवा को आगे बढ़ाने का संकल्प

समापन अवसर पर कॉलेज के शिक्षक, विद्यार्थी और कर्मचारी मौजूद रहे। समारोह के दौरान शैक्षणिक गतिविधियों से लेकर जनजागरूकता कार्यक्रमों तक आयुर्वेद के विभिन्न आयामों को प्रस्तुत किया गया। संस्थान की ओर से आयुर्वेद के ज्ञान, शिक्षा और अनुसंधान को आधुनिक दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ाने के संकल्प को दोहराया गया। आयोजन ने विद्यार्थियों को चिकित्सा शिक्षा के साथ सामाजिक स्वास्थ्य जागरूकता से जोड़ने का अवसर भी प्रदान किया।

पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक विज्ञान के समन्वय पर रहा जोर

जीएस आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज में आयोजित 11वें आयुर्वेद दिवस समारोह के माध्यम से आयुर्वेद की प्राचीन ज्ञान परंपरा, वैज्ञानिक अनुसंधान और स्वस्थ जीवनशैली के महत्व को रेखांकित किया गया। राष्ट्रीय सेमिनार, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और जनजागरूकता गतिविधियों के बाद धन्वंतरि पूजन एवं हवन के साथ संपन्न हुआ समारोह आयुर्वेद के ज्ञान और स्वास्थ्य सेवा के प्रति संस्थान की प्रतिबद्धता का संदेश लेकर आया।