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हापुड़ में भी था पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी का नेटवर्क, UAPA के तहत आतंकी संगठन घोषित

धौलाना के पिपलेहड़ा में रहकर गैंग चलाने का आरोप, मामा-भांजे अजीम राणा और आजाद राजपूत की गिरफ्तारी के बाद सामने आए थे गंभीर कनेक्शनहापुड़। पाकिस्तान में बैठे गैंगस्टर शहजाद भट्टी के नेटवर्क पर केंद्र सरकार ने बड़ी कार्रवाई करते हुए उसे गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम, 1967 (UAPA) के तहत आतंकी संगठन घोषित कर दिया है। शहजाद भट्टी नेटवर्क (SBN) को UAPA की पहली अनुसूची में 46वें क्रम पर शामिल किया गया है।

केंद्र की इस कार्रवाई के बीच हापुड़ जनपद में सामने आए कथित नेटवर्क का मामला भी महत्वपूर्ण हो गया है। मार्च 2026 में अजीम राणा और आजाद राजपूत की गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसियों ने पाकिस्तानी गैंगस्टर से कथित संपर्क, युवाओं को नेटवर्क से जोड़ने और धार्मिक स्थलों की जानकारी साझा करने के आरोपों की पड़ताल की थी। पिपलेहड़ा में रहकर कथित तौर पर चला रहे थे नेटवर्कजांच एजेंसियों के अनुसार, अजीम राणा और आजाद राजपूत रिश्ते में मामा-भांजे हैं।

दोनों पर धौलाना क्षेत्र के पिपलेहड़ा में रहकर शहजाद भट्टी के कथित गैंग को संचालित करने का आरोप लगाया गया था। बताया गया कि दोनों इंटरनेट के माध्यम से पाकिस्तान में बैठे गैंगस्टर के संपर्क में थे और उसके नेटवर्क से जुड़ी गतिविधियों को आगे बढ़ा रहे थे। दोनों की गिरफ्तारी के बाद एजेंसियों ने उनके संपर्कों, डिजिटल रिकॉर्ड और कथित नेटवर्क की कार्यप्रणाली की जांच की। दिसंबर 2025 में बातचीत, सोशल मीडिया के जरिए संपर्कमामले से जुड़े आरोपों के मुताबिक, अजीम राणा और आजाद राजपूत दिसंबर 2025 में शहजाद भट्टी के संपर्क में आए थे।

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दोनों के बीच व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम के माध्यम से चैट और वीडियो कॉल किए जाने की बात सामने आई थी। जांच एजेंसियों ने कथित तौर पर सोशल मीडिया संपर्कों और मोबाइल फोन में मौजूद सामग्री को जांच का हिस्सा बनाया। आरोप है कि इसी डिजिटल संपर्क के माध्यम से दोनों मामा-भांजे पाकिस्तानी गैंगस्टर के नेटवर्क से जुड़े हुए थे। दिल्ली-एनसीआर के धार्मिक स्थलों की वीडियो भेजने का आरोपइस पूरे मामले में सबसे गंभीर आरोप धार्मिक स्थलों की रेकी से जुड़ा है। आरोपों के अनुसार, अजीम राणा और आजाद राजपूत दिल्ली-एनसीआर के धार्मिक स्थलों की वीडियो बनाकर शहजाद भट्टी को भेजते थे।

दोनों पर दिल्ली के एक मंदिर की रेकी कर उससे संबंधित वीडियो व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम के जरिए साझा करने का आरोप लगाया गया था। जांच एजेंसियां इस कथित गतिविधि के उद्देश्य और संभावित आतंकी साजिश से इसके संबंधों की पड़ताल कर रही थीं।धार्मिक स्थलों पर आतंकी हमले की फिराक में होने का आरोपजांच से जुड़े दावों में यह भी कहा गया कि दोनों आरोपी धार्मिक स्थलों पर आतंकी हमला करने की तैयारी में थे। कथित तौर पर दिल्ली-एनसीआर के महत्वपूर्ण धार्मिक स्थानों की जानकारी जुटाकर उसे पाकिस्तान में मौजूद शहजाद भट्टी तक पहुंचाया जा रहा था। हालांकि, किसी संभावित हमले की योजना और आरोपियों की वास्तविक भूमिका से संबंधित निष्कर्ष जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर ही तय होंगे।

मार्च 2026 में खुफिया एजेंसी ने की थी गिरफ्तारीमार्च 2026 में खुफिया एजेंसी ने धौलाना क्षेत्र से अजीम राणा और आजाद राजपूत को गिरफ्तार किया था। दोनों की गिरफ्तारी के बाद शहजाद भट्टी के कथित नेटवर्क के हापुड़ कनेक्शन की जांच सामने आई। एजेंसियों ने दोनों के डिजिटल संपर्कों, सोशल मीडिया चैट, वीडियो कॉल और कथित तौर पर साझा की गई धार्मिक स्थलों की वीडियो को लेकर पूछताछ की थी।

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इस कार्रवाई के बाद जनपद में सक्रिय संभावित नेटवर्क और उसके संपर्कों को लेकर सुरक्षा एजेंसियों की जांच का दायरा बढ़ा।युवाओं को नेटवर्क से जोड़ने का भी आरोपकेंद्र सरकार की अधिसूचना में शहजाद भट्टी नेटवर्क पर युवाओं और स्थानीय अपराधियों को आतंकी गतिविधियों से जोड़ने, संसाधन जुटाने और सीमा पार से हथियार, विस्फोटक तथा मादक पदार्थों की तस्करी जैसे आरोप लगाए गए हैं। नेटवर्क पर अन्य प्रतिबंधित संगठनों के साथ संपर्क रखने और डिजिटल माध्यमों से भड़काऊ सामग्री फैलाने के आरोपों का भी उल्लेख किया गया है।UAPA के तहत आतंकी संगठन घोषितकेंद्र सरकार ने UAPA की धारा 35(1)(a) के तहत प्राप्त शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए शहजाद भट्टी नेटवर्क को पहली अनुसूची में 46वें क्रम पर शामिल किया है।

नेटवर्क को आतंकी संगठन घोषित किए जाने के बाद उससे जुड़े कथित सदस्यों, संपर्कों और गतिविधियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई का महत्व बढ़ गया है।हापुड़ के धौलाना क्षेत्र में अजीम राणा और आजाद राजपूत की गिरफ्तारी से सामने आए कथित नेटवर्क के मामले में डिजिटल संपर्क, धार्मिक स्थलों की रेकी और पाकिस्तान में बैठे गैंगस्टर से संबंध जैसे पहलू जांच के केंद्र में रहे हैं।

केंद्र की ताजा कार्रवाई के बाद इस मामले से जुड़े आरोपों और नेटवर्क की गतिविधियों को लेकर सुरक्षा एजेंसियों की जांच पर नजर बनी हुई है। दोनों आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों की अंतिम स्थिति न्यायिक प्रक्रिया और जांच में सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर स्पष्ट होगी।