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आस्था के साथ श्रम और तकनीक को नमन, जीएस विश्वविद्यालय में हवन-पूजन के बीच विश्वकर्मा जयंती का उल्लास

पिलखुवा, 17 सितंबर। भगवान विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर गुरुवार को जीएस विश्वविद्यालय, पिलखुवा में श्रद्धा और उत्साह का माहौल रहा। विश्वविद्यालय परिसर में विधि-विधान से हवन-पूजन कर भगवान विश्वकर्मा का स्मरण किया गया। श्रम, शिल्प कौशल और तकनीकी दक्षता के प्रतीक भगवान विश्वकर्मा से संस्थान की प्रगति, मशीनरी एवं उपकरणों की सुरक्षा और कर्मचारियों के कल्याण की कामना की गई।कार्यक्रम में विश्वविद्यालय और अस्पताल के कर्मचारियों ने बढ़-चढ़कर सहभागिता की।

हवन में आहुतियां देकर संस्थान के सुचारू संचालन तथा कार्यस्थल पर सकारात्मक और सुरक्षित वातावरण बनाए रखने की प्रार्थना की गई। इसके बाद अस्पताल के ऑपरेशन थिएटर में भी भगवान विश्वकर्मा की पूजा-अर्चना की गई।मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. शरद गोयल ने कहा कि विश्वकर्मा पूजा श्रम, शिल्प और तकनीकी कार्यों से जुड़े लोगों के प्रति सम्मान एवं कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर है।

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उन्होंने कहा कि अस्पताल और विश्वविद्यालय के सुचारू संचालन में कर्मचारियों और कार्यबल का महत्वपूर्ण योगदान है। उनके निरंतर प्रयासों से संस्थान की व्यवस्थाएं बेहतर तरीके से संचालित होती हैं।हवन-पूजन के बाद मशीनरी, औजारों और कार्यस्थल की सुरक्षा एवं बेहतर संचालन के लिए भगवान विश्वकर्मा को प्रसाद अर्पित किया गया। इस दौरान संस्थान की प्रगति, कर्मचारियों की सुख-समृद्धि और कार्यस्थल पर सकारात्मक वातावरण बनाए रखने की कामना की गई।

कार्यक्रम में सीएचए डॉ. एस. कुमार, उपनिदेशक मनोज शिशोदिया, एस.एन. सिंह, चीफ सिक्योरिटी ऑफिसर हरेंद्र सिंह, आईटी हेड गोविंद पुंडीर, एजीएम मोहित मनी, पेशेंट केयर मैनेजर अभिनव संचान, ओटी इंचार्ज दिनेश सहित अस्पताल के श्रमिक और कर्मचारी मौजूद रहे।पूजा-अर्चना के दौरान कर्मचारियों ने भगवान विश्वकर्मा से संस्थान की निरंतर प्रगति, कार्यस्थल पर सुरक्षा और सभी के कल्याण की कामना की। कार्यक्रम ने श्रम और तकनीकी कार्य से जुड़े कर्मचारियों के प्रति सम्मान एवं एकजुटता का संदेश दिया।